रावी तट पर एक साथ जलीं परिवार के चार सदस्यों की चिताएं, मासूम को दफनाते बिलख पड़े ताया

बुधवार को चंबा के रावी नदी तट पर एक अत्यंत हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जहां एक ही परिवार के चार सदस्यों की चिताओं ने एक साथ अग्नि ली। इस असहनीय दुख ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया और उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
तिरंगे में लिपटा पुलिस जवान, राजकीय सम्मान के साथ विदाई
हादसे में मारे गए परिवार के सदस्य, पुलिस जवान रिपन राणा, की अंतिम यात्रा उनके घर से निकली। तिरंगे में लिपटे ताबूत के साथ रिपन राणा को भारत माता की जय के उद्घोष के बीच अंतिम विदाई दी गई। रावी तट पर पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। इस दुखद घटना के बाद पूरे पंचायत में मातम का माहौल है।
तीन माह के मासूम को दफनाते बिलख पड़े ताया
इस मार्मिक घटना का सबसे भावुक क्षण तब आया जब महज तीन माह के मासूम को उसके ताया विपिन राणा ने धरती की गोद में सुलाया। अपने नन्हे बेटे को अंतिम विदाई देते हुए ताया विपिन राणा का बिलख-बिलख कर रोना वहां मौजूद हर किसी को झकझोर गया। इस नन्ही सी जान की विदाई ने सभी को भावुक कर दिया और परिवार के इस असहनीय दुख में हर किसी की आंखें छलक पड़ीं।
परिवार के चार सदस्यों ने एक साथ ली अंतिम विदाई
इस हादसे में परिवार के चार सदस्यों ने अपनी जान गंवाई। कीर्ति की चिता को उनके भाई विशाल ने मुखाग्नि दी। विपिन राणा ने अपने पिता बचन सिंह, भाई रिपन राणा, भाभी रिंपी और कीर्ति को अंतिम विदाई दी। रावी तट पर मौजूद परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं, और चारों ओर केवल चीख-पुकार और सिसकियां सुनाई दे रही थीं।
एक हंसता-खेलता परिवार पलभर में उजड़ा
ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि एक हंसता-खेलता परिवार पलभर में उजड़ गया। रावी तट पर जलती हुई चार चिताओं ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिवार को इस विकट दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। यह घटना प्रकृति के क्रूर रूप का एक और प्रमाण है, जो अचानक किसी भी समय कहर बरपा सकती है।




