
सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से अनशन पर हैं। उनका कहना है कि अगर आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, तो वे अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। इस पर भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने जवाब देने का आश्वासन दिया है।
वहीं, भाजपा का कहना है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कदम उठा रही है। दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और पुलिस कार्रवाई के जरिए आंदोलन को कुचलने का आरोप लगा रहे हैं।
इस बीच आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। मुंबई, कोलकाता, कोच्चि, मराठवाड़ा, मणिपुर, मिजोरम समेत कई राज्यों में छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समर्थन में प्रदर्शन किए हैं। विदेशों में भी भारतीय समुदाय ने सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाई है।
अब पूरे देश की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम पर है। क्या बातचीत से निकलेगा समाधान, या फिर यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ होगा।




