मंडी में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर बड़ा खेल! पैसा दोगुना करने का झांसा देकर 22 लोगों से करीब 4 करोड़ लेने का आरोप

मंडी के कमांद क्षेत्र में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की रकम लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ ही दिनों में पैसा दोगुना करने का लालच देकर 20 से 22 लोगों से करीब चार करोड़ रुपये लिए गए, लेकिन बाद में रकम वापस नहीं की गई। मामले में पधर पुलिस ने शिकायत के आधार पर जनवरी 2026 में प्राथमिकी दर्ज की थी और फिलहाल जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, कमांद में सिराफिना नाम से कंपनी चलाने वाले महाराष्ट्र निवासी अनिल गौरव धोते पर क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेने के आरोप लगे हैं। बताया गया कि कंपनी की ओर से निवेश पर कुछ ही दिनों में 100 प्रतिशत मुनाफा देने का दावा किया जाता था। इसी भरोसे में कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी।
मामले में टिकरी मुशैहरा गांव निवासी सुरजीत ठाकुर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अक्तूबर 2025 में उसके संपर्क में एक व्यक्ति आया था। उसे क्रिप्टो ट्रेडिंग में पैसा लगाने पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिया गया। इसके बाद उसने अलग-अलग तारीखों में बताए गए बैंक खातों में 31.05 लाख रुपये ऑनलाइन जमा किए। शिकायत में करीब चार लाख रुपये नकद देने की बात भी कही गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे BTC और USD लाइव ट्रेडिंग के जरिए रकम बढ़ाकर वापस करने का भरोसा दिया गया था। इस संबंध में कंपनी के लेटरहेड पर दस्तावेज और सिक्योरिटी चेक भी दिए गए थे। शुरुआत में कंपनी की ओर से बातचीत होती रही और रकम वापस करने का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन जनवरी 2026 तक पैसा वापस नहीं मिला।
आरोप है कि 10 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता अपनी रकम मांगने के लिए कमांद स्थित कार्यालय पहुंचा। वहां उसके साथ कथित तौर पर गालीगलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
जांच के दौरान पुलिस के सामने इस मामले में करीब चार करोड़ रुपये के निवेश और कथित ठगी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कई अन्य लोगों ने भी इस योजना में पैसा लगाया था, लेकिन बदनामी या अन्य कारणों से वे अब तक पुलिस के सामने नहीं आए है
पुलिस अब मामले में निवेश की गई रकम, संबंधित बैंक खातों, कंपनी से जुड़े लोगों और पूरे लेनदेन की जांच कर रही है। एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में नियमानुसार जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुल कितनी रकम का लेनदेन हुआ और मामले में कितने लोग प्रभावित हुए हैं।



