हिमाचल: 83 दवाओं समेत देश में 239 दवाओं के सैंपल जांच में फेल, वापस मंगवाया जाएगा स्टॉक


सोलन/बद्दी। हिमाचल प्रदेश में बनी 83 दवाओं समेत देशभर की 239 दवाओं के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं। जुलाई के ड्रग अलर्ट में इसका खुलासा हुआ है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएसओ) की ओर से करवाई गई जांच में हिमाचल की 12 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, जबकि राज्य प्रयोगशालाओं में जांचे गए सैंपलों में हिमाचल की 71 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं।
हिमाचल के इन जिलों की दवाओं के सैंपल फेल:
राज्य प्रयोगशालाओं में फेल हुए सैंपलों में सोलन जिले की 56, सिरमौर की 9, ऊना की 5 और कांगड़ा जिले की 3 दवा कंपनियों के सैंपल शामिल हैं।
सीडीएसओ की ओर से करवाई गई 40 सैंपलों की जांच में भी हिमाचल की 12 दवाओं के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए।
एक कंपनी के पांच सैंपल एक साथ फेल:
बद्दी की एक कंपनी के पांच सैंपल एक साथ फेल हुए हैं। ये सैंपल आयरन की कमी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवा के हैं।
इसके अलावा झाड़माजरी की लाइव वेव कंपनी के विटामिन डी, बद्दी की सेमसन लेबोरेट्री के दर्द व सूजन की दवा, हिंदुस्तान पोलीपेव कंपनी की शरीर में पानी की कमी से संबंधित दवा के दो सैंपल भी जांच में फेल हुए हैं।
सुबाथू की जेएम लेबोरेट्री, बद्दी की मर्टिन एंड क्राऊन, बरोटीवाला की फोरगो, कांगड़ा की मेडीरोज, एक्मे, बद्दी की सेरवेदिक और विग्स बायोटेक समेत कई कंपनियों की अलग-अलग दवाओं के सैंपल भी मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं।
बाजार से वापस मंगवाया जाएगा स्टॉक:
राज्य ड्रग नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर के अनुसार, सैंपल फेल होने वाली दवा कंपनियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। संबंधित कंपनियों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे।
मानकों पर खरे नहीं उतरने वाली दवाओं का स्टॉक बाजार से वापस मंगवाने के निर्देश दिए जाएंगे। विभाग इन कंपनियों की दवाओं के सैंपल अपने स्तर पर भी जांचेगा।




