हिमाचल में बारिश का कहर जारी, 70 सड़कें बंद; मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित, मानसून में अब तक 1,638 करोड़ से अधिक का नुकसान

हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है, जिससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 11 सितंबर 2026 सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 70 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा शिमला में दो बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
जिला स्तर पर मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां कुल 30 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज उपमंडल की 25, सुंदरनगर की एक, सरकाघाट की तीन और थलौट की एक सड़क शामिल है।
कुल्लू में 11 सड़कें बंद हैं, जिनमें कुल्लू उपमंडल की चार, बंजार की दो, आनी की तीन और निरमंड की दो सड़कें शामिल हैं। शिमला में भी 11 सड़कें प्रभावित हैं। इनमें रामपुर की दो, जुब्बल की आठ और सुन्नी की एक सड़क शामिल है।
कांगड़ा में 10, सिरमौर में चार और ऊना में तीन सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीति के उदयपुर उपमंडल में एक सड़क प्रभावित है। रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, किन्नौर और सोलन में फिलहाल कोई सड़क बंद नहीं है। बंद सड़कों में कोई राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल नहीं है।
शिमला में बिजली-पानी की व्यवस्था प्रभावित
बारिश का असर शिमला में बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार जिले में दो बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं।
10 सितंबर की शाम की स्थिति से तुलना करें तो उस समय प्रदेश में 61 सड़कें, आठ बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। 11 सितंबर की सुबह तक बंद सड़कों की संख्या बढ़कर 70 हो गई, जबकि बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित होने की संख्या घटकर दो रह गई।
मानसून में अब तक 1,638 करोड़ रुपये से ज्यादा नुकसान
राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की संचयी रिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 10 सितंबर 2026 तक प्रदेश में मानसून के दौरान 1,63,882.59 लाख रुपये यानी करीब 1,638.83 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।
प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 116 मौतें दर्ज की गई हैं। इनमें भूस्खलन से 18, डूबने से 15, बिजली गिरने से 12, सांप के काटने से 10 और पेड़ या खड़ी चट्टान से गिरने के कारण 40 मौतें शामिल हैं। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में 172 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
जिला स्तर पर कांगड़ा में 447.17 लाख रुपये, शिमला में 376.65 लाख रुपये, मंडी में 297.57 लाख रुपये और चंबा में 294.10 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। सोलन में कुल नुकसान 164.88 लाख रुपये रहा है।
लगातार बारिश के बीच बंद सड़कों को खोलना और प्रभावित बिजली व पेयजल सेवाओं को बहाल करना प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है। लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।




