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बारिश के बीच हिमाचल में बढ़ा भूस्खलन का खतरा! रामपुर में 50 पेड़ भरभराकर गिरे, 67 सड़कें बाधित; जानें अगले 6 दिनों का हाल

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कई भागों में 12 से 17 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। 18 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

बीते 24 घंटों में धर्मशाला में 87.2 मिलीमीटर, कांगड़ा में 68.8, कुफरी में 64.6, शिलारू में 54.6, जोगिंद्रनगर में 48, पालमपुर में 40 और शिमला में 18 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

रामपुर में भूस्खलन का वीडियो वायरल

रामपुर बुशहर उपमंडल की फांचा पंचायत के नंती और फांचा कंडे के बीच वन विभाग की भूमि पर भारी भूस्खलन हुआ। इस दौरान करीब 50 पेड़ भरभराकर गिर गए, जिससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह घटना करीब तीन दिन पहले हुई थी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से बरसात के दौरान भूस्खलन होता रहा है, लेकिन इस बार जंगल का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया।

फांचा पंचायत के उपप्रधान सुभाष नेगी ने वन विभाग से इस स्थान पर भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।

67 सड़कें और 142 ट्रांसफार्मर प्रभावित

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार शनिवार सुबह तक प्रदेश में 67 सड़कें बाधित थीं। इसके अलावा 142 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित रहे। सबसे अधिक सड़कें मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में प्रभावित हैं।

एनएच-5 पर चार घंटे यातायात रहा ठप

शिमला-शिपकी ला नेशनल हाईवे-5 पर ब्रौनी नाला के पास भी भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ से बड़ी चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिसके चलते करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहा।

यह घटना शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे हुई। गनीमत रही कि कोई वाहन चट्टानों या मलबे की चपेट में नहीं आया। हाईवे बंद होने से किन्नौर से सेब लेकर निचले क्षेत्रों की ओर जा रहे वाहन, निगम की बसें और पर्यटकों के वाहन जाम में फंस गए।

सूचना मिलने के बाद करीब चार मशीनों को मौके पर भेजा गया और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। सुबह करीब सात बजे हाईवे की एक लेन से यातायात बहाल कर दिया गया।

मानसून में अब तक 296 लोगों की मौत

इस मानसून सीजन में 30 जून से 11 सितंबर तक प्रदेश में आपदा के कारण 296 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 520 लोग घायल हुए हैं। इनमें 177 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है।

इस दौरान 40 पक्के और 89 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 499 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 17 दुकानों और 470 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। प्रदेश में मानसून से अब तक नुकसान का आंकड़ा 1,66,196.72 लाख रुपये पहुंच गया है।

सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश

इस मानसून सीजन में 12 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 678.4 मिलीमीटर मानी जाती है, जबकि प्रदेश में 603.7 मिलीमीटर बारिश हुई है।

बिलासपुर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, मंडी, सोलन और ऊना में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

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