
हिमाचल के कई इलाकों में सेब के बागों में एक गंभीर समस्या सामने आ रही है। पेड़ों की पत्तियां तेजी से पीली पड़ रही हैं और सूखकर झड़ रही हैं, जिससे बगीचों की हरियाली प्रभावित हो रही है। बागवानों का कहना है कि उन्होंने विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार दवाओं का छिड़काव भी किया, लेकिन समस्या में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
सबसे अधिक असर रेड डिलीशियस किस्म के सेब के पेड़ों पर देखा जा रहा है। लगातार बदलते मौसम और इस नई समस्या के कारण बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पहले से ही कम उत्पादन की आशंका के बीच अब पत्तों का झड़ना फसल पर अतिरिक्त संकट बनकर सामने आया है।
उधर, बागवानी विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञों की टीम गठित करने का फैसला किया है। यह टीम प्रभावित बागों का निरीक्षण करेगी और बीमारी के वास्तविक कारणों की जांच करेगी। साथ ही बागवानी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि यह किसी नए रोग का असर है या फिर अन्य पर्यावरणीय कारणों का परिणाम।
बागवानों को उम्मीद है कि जल्द ही बीमारी की सही पहचान होगी और इसके प्रभावी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाले समय में सेब की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।




