चिट्टे के खिलाफ ऊना में हजारों युवाओं की हुंकार, CM सुक्खू की अगुवाई में निकली वॉकथॉन… फिर स्कूलों में छुट्टी का ऐलान

ऊना: हिमाचल प्रदेश के ऊना में चिट्टे और नशे के खिलाफ आयोजित एंटी चिट्टा वॉकथॉन में हजारों युवा और विद्यार्थी एकजुट हुए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
एंटी चिट्टा वॉकथॉन की शुरुआत इंदिरा गांधी खेल मैदान ऊना से हुई। इसके बाद प्रतिभागी आईएसबीटी ऊना तक पहुंचे और वहां से वापस खेल मैदान लौटे। आयोजन के जरिए करीब 30 हजार युवाओं और विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था।
ऊना में करीब 40 डिग्री तापमान के बावजूद युवाओं और विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने वॉकथॉन में हिस्सा लेकर नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया।
युवाओं को बताया बदलाव की ताकत
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें माता-पिता, शिक्षक, सामाजिक संगठन और युवाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि समाज को नशे से मुक्त करने के लिए जागरूकता के साथ सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने युवाओं से अपने आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने और लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया।
युवाओं ने ली नशे से दूर रहने की शपथ
वॉकथॉन के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों ने नशे के खिलाफ सामूहिक शपथ भी ली। प्रतिभागियों ने खुद नशे से दूर रहने, दूसरों को भी नशे से बचाने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया गया कि चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
वीरवार को स्कूलों में छुट्टी का ऐलान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को ऊना जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा भी की। वॉकथॉन में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी को देखते हुए यह घोषणा की गई।
एंटी चिट्टा वॉकथॉन के जरिए ऊना में युवाओं ने नशे के खिलाफ सामूहिक संकल्प का संदेश दिया। वहीं, प्रशासन और सरकार की ओर से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।




