ताज़ा खबरेंहिमाचल

मनाली-लेह रेललाइन के पांच स्टेशन प्राकृतिक खतरों की जद में, IIT मंडी के शोध में खुलासा

मंडी। हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को रेल नेटवर्क से जोड़ने की महत्वाकांक्षी मनाली-लेह रेललाइन परियोजना को लेकर आईआईटी मंडी के शोध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। शोध के अनुसार प्रस्तावित रेललाइन के पांच स्टेशन ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रह सकता है। ऐसे में इन स्टेशनों का निर्माण और भविष्य में रेललाइन का सुरक्षित संचालन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

मनाली-लेह रेललाइन को सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इस रेललाइन के बनने से हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बीच आवागमन आसान होने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच भी बेहतर हो सकती है।

हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां इस परियोजना के सामने बड़ी चुनौती बन सकती हैं। आईआईटी मंडी के शोध में प्राकृतिक खतरे वाले क्षेत्रों में प्रस्तावित पांच स्टेशनों की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है।

हिमालयी क्षेत्र भूस्खलन, हिमस्खलन, भूकंप और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है। ऐसे में रेललाइन के निर्माण से पहले इन खतरों का वैज्ञानिक आकलन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना जरूरी होगा।

विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि परियोजना का निर्माण इस तरह किया जाए, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को कम किया जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

मनाली-लेह रेललाइन जहां क्षेत्र के विकास, पर्यटन और सामरिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, वहीं आईआईटी मंडी के शोध ने इसके निर्माण में प्राकृतिक चुनौतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Share with