हिमाचल में दिव्यांग पेंशन के नियम बदले, अब जन्म से मिलेगा लाभ; 40% दिव्यांगता वाले भी पात्र


हिमाचल प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन योजना के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पात्रता का दायरा बढ़ा दिया है। अब 80 प्रतिशत दिव्यांगता की अनिवार्यता समाप्त कर इसे 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इतना ही नहीं, पेंशन पाने के लिए 18 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा भी खत्म कर दी गई है। नए प्रावधानों के तहत अब जन्म से ही पात्र दिव्यांग बच्चों को पेंशन का लाभ मिल सकेगा।
पेंशन की राशि में भी हुई बढ़ोतरी
नई व्यवस्था के तहत 0 से 79 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग लाभार्थियों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता 300 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। वहीं, 80 वर्ष या इससे अधिक आयु के लाभार्थियों को अब 500 रुपये के बजाय 625 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले भी होंगे पात्र
पहले इस योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 80 प्रतिशत दिव्यांगता होना जरूरी था। अब इसे घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे उन लोगों को भी योजना के दायरे में आने का अवसर मिलेगा, जो 40 से 79 प्रतिशत तक दिव्यांगता से प्रभावित हैं। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों को भी जन्म से पात्रता का लाभ मिल सकेगा।
बीपीएल परिवार की शर्त रहेगी बरकरार
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी का बीपीएल परिवार से संबंधित होना जरूरी है। इसके अलावा दिव्यांगता का प्रमाणपत्र भी अनिवार्य रहेगा। यानी केवल 40 प्रतिशत दिव्यांगता होने से ही पेंशन स्वतः शुरू नहीं होगी, बल्कि अन्य निर्धारित पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
हिमाचल में करीब 20 हजार लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
हिमाचल प्रदेश में इस योजना से करीब 20 हजार लाभार्थी जुड़े हुए हैं। नियमों में बदलाव से प्रदेश के ऐसे दिव्यांगजनों और बच्चों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पहले निर्धारित पात्रता सीमा पूरी नहीं कर पाने के कारण योजना से बाहर थे।
कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी?
पेंशन के लिए आवेदन करते समय दिव्यांगता प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, बैंक पासबुक, हिमाचली बोनाफाइड प्रमाणपत्र, बीपीएल प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होगी।
पांच साल तक जारी रहेगी योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा। इसके तहत दिव्यांग पेंशन योजना का नया नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना होगा।
केंद्र सरकार के अनुसार, पात्रता और पेंशन की नई दरों से जुड़े संशोधित दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी और लागू किए जाएंगे।
इस फैसले से देशभर के लाखों दिव्यांगजनों को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों और दिव्यांग बच्चों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




