हिमाचल में राजस्व मामलों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था, तहसीलदार हफ्ते में 3 दिन सुनेंगे अपीलें; जानें क्या होगा फायदा


हिमाचल प्रदेश में जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों को लेकर लंबे समय से तहसीलों के चक्कर काट रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने राजस्व मामलों की सुनवाई को तेज करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की पहल की है। इसके तहत अब तहसीलदार और नायब तहसीलदार सप्ताह में तीन दिन राजस्व मामलों से जुड़ी अपीलों की सुनवाई करेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सुनवाई के दौरान मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए और जहां संभव हो, मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इन मामलों की होगी सुनवाई
नई व्यवस्था के तहत जमीन के बंटवारे यानी तकसीम, इंतकाल और अन्य राजस्व मामलों से जुड़ी अपीलों पर सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा निशानदेही और राजस्व रिकॉर्ड में दुरुस्ती जैसे मामलों के निपटारे में भी तेजी आने की उम्मीद है।
बार-बार तहसीलों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
अक्सर जमीन से जुड़े मामलों में लोगों को सुनवाई के लिए बार-बार तहसीलों के चक्कर काटने पड़ते हैं। कई मामलों में तारीख पर तारीख मिलने से लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों को कम करना और आम लोगों को समय पर न्याय दिलाना है।
सोमवार से बुधवार तक होगा नियमित सरकारी कामकाज
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सोमवार, मंगलवार और बुधवार को तहसीलदार और नायब तहसीलदार नियमित सरकारी कामकाज निपटाएंगे। जबकि सप्ताह के अन्य तीन दिन राजस्व मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित रहेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी अधिकारियों को लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की इस पहल से प्रदेश के उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके जमीन से जुड़े मामले लंबे समय से लंबित हैं।
अब देखना होगा कि नई व्यवस्था के लागू होने से तहसीलों में लंबित मामलों के निपटारे की रफ्तार कितनी तेज होती है।




