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बिजली बिल में चुपचाप जुड़ते रहे ये शुल्क! 3 साल में उपभोक्ताओं से वसूले गए 2,151 करोड़

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर पिछले तीन वर्षों में अलग-अलग शुल्क और उपकर के रूप में 2,151.46 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। यह राशि राज्य बिजली बोर्ड ने बिजली बिलों के माध्यम से उपभोक्ताओं से वसूली है। विधानसभा में बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।

वित्त वर्ष 2023-24 से जुलाई 2026 तक हुई वसूली में सबसे बड़ा हिस्सा बिजली शुल्क का रहा। इससे 1,815.77 करोड़ रुपये जुटाए गए।

इसके अलावा स्वच्छता उपकर से 163.44 करोड़ रुपये, दूध उपकर से 146.79 करोड़ रुपये और नगर पालिका कर से 14 करोड़ रुपये वसूले गए। पर्यावरण उपकर के रूप में 2.18 करोड़ रुपये और बैंकिंग, बीमा एवं वाणिज्यिक वित्त उपकर से 4.86 करोड़ रुपये की वसूली हुई।

📊 हर साल बढ़ती गई वसूली

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में उपभोक्ताओं से 482.89 करोड़ रुपये शुल्क के रूप में वसूले गए थे। 2024-25 में यह राशि बढ़कर 636.15 करोड़ रुपये हो गई, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा 756.06 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक ही 269.33 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है।

🛒 राशन की कीमतों में भी कई बार बढ़ोतरी

विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, हिमाचल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और राज्य विशेष अनुदानित योजना के तहत मिलने वाले राशन की कीमतों में भी पिछले तीन वर्षों में कई बार बदलाव हुआ है।

सरकार के अनुसार बाजार दरों में उतार-चढ़ाव, कच्चे माल की उपलब्धता, मांग और आपूर्ति की स्थिति तथा ई-टेंडरिंग के जरिए खरीद के कारण दाल, खाद्य तेल और चीनी जैसी वस्तुओं के दाम समय-समय पर बढ़ाने पड़े।

हालांकि सरकार का कहना है कि लाखों राशन कार्डधारकों को अब भी बाजार की तुलना में सस्ती दरों पर दाल, खाद्य तेल, नमक, चीनी, चावल और गेहूं उपलब्ध करवाया जा रहा है।

👮 कांस्टेबल भर्ती की अंतिम तारीख नहीं बढ़ेगी

विधानसभा में पुलिस कांस्टेबल भर्ती को लेकर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आवेदन की अंतिम तिथि अब और नहीं बढ़ाई जाएगी। भर्ती के लिए अब तक 98,719 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

भर्ती का विज्ञापन 10 जुलाई 2026 को जारी हुआ था। आवेदन की मूल अंतिम तिथि 6 अगस्त थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 21 अगस्त और फिर होमगार्ड कर्मियों को एकमुश्त पांच वर्ष की आयु सीमा में छूट देते हुए 5 सितंबर 2026 तक किया गया। अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इसके बाद आवेदन की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

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