हिमाचल में नए जिले बनाने का फैसला किन बातों पर होगा? CM सुक्खू ने बताया पूरा आधार


पूरी खबर:
हिमाचल में नए जिले बनाने पर CM सुक्खू का बड़ा बयान, आबादी और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर होगा फैसला
शिमला। हिमाचल प्रदेश में नए जिले बनाने की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि जिलों के गठन का फैसला आबादी और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। इसके लिए गठित आयोग प्रदेश के मौजूदा प्रशासनिक ढांचे का आकलन करेगा और जरूरत के अनुसार पुनर्गठन की सिफारिशें देगा।
जिले ही नहीं, तहसीलों और ब्लॉकों की भी होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों और विकास खंडों का आकलन करेगा। जहां प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत होगी, वहां उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा उपमंडलों और एसडीएम कार्यालयों के पुनर्गठन पर भी विचार किया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को इस तरह व्यवस्थित करना है, जिससे लोगों को सरकारी काम करवाने में सुविधा मिल सके। आयोग की सिफारिशों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
आयोग ने शुरू किया काम
मुख्यमंत्री के अनुसार, आयोग के दो सदस्यों ने कार्यभार संभाल लिया है। आयोग के कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए कार्यालय की व्यवस्था भी की जा रही है।
आयोग को प्रदेश की मौजूदा प्रशासनिक इकाइयों की स्थिति का अध्ययन करके यह देखना है कि कहां नए जिले या अन्य प्रशासनिक इकाइयां बनाने की जरूरत है और कहां मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।
मंत्रिमंडल में फेरबदल पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पार्टी हाईकमान से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा। सरकार के चार साल पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल करने की बात भी उन्होंने कही।
एसआईआर के मुद्दे पर दिल्ली में होगी रैली
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली प्रस्तावित है। इसके लिए उन्हें और विधानसभा अध्यक्ष विनय कुमार को दिल्ली बुलाया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूचियों में बदलाव का मुद्दा महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने से चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
अब आयोग की रिपोर्ट पर टिकी नजरें
हिमाचल में नए जिले बनाने को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। आयोग की समीक्षा और सिफारिशों के बाद ही आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी। ऐसे में प्रदेश के लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि किन क्षेत्रों में प्रशासनिक पुनर्गठन की जरूरत सामने आती है और सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है।




