मंडी बस अड्डे पर खाद्य विभाग की बड़ी रेड! 5 किलो खराब पनीर और कॉकरोच वाला आटा मिला, मौके पर कराया नष्


मंडी बस अड्डे पर खाद्य सुरक्षा विभाग की रेड, खाने-पीने की चीजों में मिली गंदगी
हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। वीरवार को विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न ढाबों, दुकानों और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मंडी बस अड्डा परिसर में खाने-पीने की चीजों को लेकर चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई।
5 किलो खराब पनीर और आटे में मिले कॉकरोच
निरीक्षण के दौरान बस अड्डा परिसर स्थित एक ढाबे में करीब पांच किलो पनीर खराब हालत में मिला। पनीर से बदबू आ रही थी और वह खाने योग्य नहीं था। विभागीय टीम ने इसे लोगों की सेहत के लिए अनुपयुक्त मानते हुए मौके पर ही नष्ट करवा दिया।
वहीं, बस अड्डे के एक अन्य ढाबे में गूंथे हुए आटे में कॉकरोच पाए गए। टीम ने इस आटे को भी इस्तेमाल के अयोग्य मानते हुए नष्ट करवा दिया। इसके अलावा कुछ प्रतिष्ठानों में बासी सब्जियां और चूहों के कुतरे हुए बैंगन भी मिले, जिन्हें मौके पर ही फिंकवा दिया गया।
मिठाइयों के भी भरे सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर की मिठाई की दुकानों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान बर्फी, बेसन के लड्डू और काजू जलेबी के सैंपल जांच के लिए भरे गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि मिठाइयों की गुणवत्ता का पता लगाया जा सके।
छह प्रतिष्ठानों के चालान, दो दुकानदारों पर 10 हजार जुर्माना
निरीक्षण के दौरान शहर के छह प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई संबंधी कमियां पाई गईं। ये प्रतिष्ठान बिना पंजीकरण के भी संचालित किए जा रहे थे। विभाग ने इनके चालान किए हैं।
इसके अलावा खुले में सिगरेट बेचने के मामले में दो दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। दोनों दुकानदारों से पांच-पांच हजार रुपये के हिसाब से कुल 10 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील
विभागीय आयुक्त एलडी ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के रखरखाव, साफ-सफाई और गुणवत्ता से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आई हैं। विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि पैकेट बंद और खुली खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें। किसी भी तरह की शंका या शिकायत होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें, ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।




