हिमाचल में शिक्षकों की ACR होगी ऑनलाइन, विशेष सॉफ्टवेयर तैयार; जानें कैसे बदलेगी पूरी प्रक्रिया


हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। अब शिक्षकों को अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) तैयार करने के लिए हर साल लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने इस व्यवस्था को ऑनलाइन करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकेंगे ACR
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट भर सकेंगे। इसके बाद यह रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों के पास मूल्यांकन और सत्यापन के लिए ऑनलाइन ही पहुंच जाएगी। इससे शिक्षकों को अलग-अलग कार्यालयों में दस्तावेज जमा करवाने और रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करवाने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
8 से 9 पन्नों के फॉर्म भरने से मिलेगी मुक्ति
अभी तक शिक्षकों को हर साल अपनी ACR तैयार करने के लिए करीब आठ से नौ पन्नों के दस्तावेज भरने पड़ते हैं। इसके बाद इन दस्तावेजों को संबंधित अधिकारियों और कार्यालयों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। नई व्यवस्था लागू होने से इस कागजी औपचारिकता से छुटकारा मिलेगा।
JBT, TGT और प्रवक्ताओं को होगा फायदा
इस डिजिटल व्यवस्था का लाभ प्रदेश के हजारों जेबीटी, टीजीटी और स्कूल प्रवक्ताओं को मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट ऑनलाइन जमा होने और अधिकारियों की ओर से उसका सत्यापन भी डिजिटल तरीके से होने से समय की बचत होगी।
क्या होती है ACR और क्यों है जरूरी?
ACR यानी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट किसी सरकारी कर्मचारी के पूरे साल के कामकाज और प्रदर्शन का आधिकारिक मूल्यांकन होती है। शिक्षकों के मामले में इसमें उनके शैक्षणिक कार्य, अनुशासन, जिम्मेदारियों के निर्वहन और विभागीय कार्यों का आकलन किया जाता है। यह रिपोर्ट कर्मचारियों की सेवा से जुड़े रिकॉर्ड और पदोन्नति जैसी प्रक्रियाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सरकार की मंजूरी के बाद लागू होगी व्यवस्था
शिक्षा निदेशालय ने विशेष सॉफ्टवेयर तैयार कर इसे लागू करने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी है। स्वीकृति मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इससे न केवल शिक्षकों को राहत मिलेगी, बल्कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए भी रिपोर्ट का मूल्यांकन, सत्यापन और रिकॉर्ड सुरक्षित रखना आसान हो सकेगा।
इस नई व्यवस्था से हिमाचल के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले हजारों शिक्षकों की वर्षों पुरानी कागजी प्रक्रिया डिजिटल होने की राह पर है।
खास बात: अभी सॉफ्टवेयर तैयार हुआ है, लेकिन सरकार की मंजूरी और चरणबद्ध लागू होने की प्रक्रिया बाकी है। इसलिए इसे पूरी तरह लागू हो चुकी व्यवस्था न समझें।




