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हिमाचल में कर्मचारियों की वरिष्ठता में जुड़ेगी अनुबंध सेवा, प्रमोशन का क्रम बदलने के नए आदेश जारी

शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवा लाभ और पदोन्नति से जुड़ा बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर की गई सेवा अवधि को भी वरिष्ठता में शामिल किया जाएगा। इससे प्रदेश के कई विभागों में कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची बदल सकती है और पदोन्नति का पूरा क्रम प्रभावित हो सकता है।

राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों को नए निर्देश जारी किए हैं। विभागों को पुराने मामलों की समीक्षा कर कर्मचारियों को नियमानुसार वरिष्ठता और पदोन्नति का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। यह कदम हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम, 2024 को हाईकोर्ट द्वारा निरस्त किए जाने और सुप्रीम कोर्ट से सरकार की अपील खारिज होने के बाद उठाया गया है।

1. अब वरिष्ठता सूची में जुड़ेगी अनुबंध सेवा

कार्मिक विभाग के नए निर्देशों के अनुसार सभी विभागों को कर्मचारियों की अस्थायी और अंतिम वरिष्ठता सूची तैयार करनी होगी। इसमें पात्र कर्मचारियों की अनुबंध सेवा अवधि को भी शामिल किया जाएगा।

इससे उन कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है, जिन्होंने पहले अनुबंध आधार पर नौकरी शुरू की थी और बाद में नियमित हुए। उनकी वरिष्ठता की गणना में अनुबंध पर बिताई गई अवधि भी जोड़ी जाएगी।

2. दोबारा होगी DPC, बदल सकता है प्रमोशन का क्रम

नई वरिष्ठता सूची तैयार होने के बाद यदि कोई कर्मचारी वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति के योग्य पाया जाता है, तो उसके लिए दोबारा विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक करनी होगी।

इस प्रक्रिया से कई कर्मचारियों का प्रमोशन क्रम बदल सकता है। पहले से पदोन्नति पा चुके कर्मचारियों की स्थिति पर भी दोबारा विचार किया जा सकता है।

3. पहले प्रमोशन पा चुके कर्मचारियों पर भी पड़ेगा असर

नई वरिष्ठता सूची में यदि किसी कर्मचारी से ऊपर ऐसा कर्मचारी आ जाता है, जो पहले अनुबंध पर नियुक्त हुआ था, तो पहले से पदोन्नत कर्मचारी की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।

ऐसी स्थिति में उसे नई वरिष्ठता के अनुसार अपनी बारी आने तक इंतजार करना पड़ सकता है। नई पदोन्नति सामान्य तौर पर भविष्य की तारीख या नए पद का कार्यभार संभालने की तारीख से लागू होगी।

4. अतिरिक्त पद नहीं बनाएगी सरकार

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठता और पदोन्नति से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए अतिरिक्त यानी सुपरन्यूमरेरी पद नहीं बनाए जाएंगे।

कर्मचारियों को ज्यादातर मामलों में केवल कागजों पर वेतन और पदोन्नति का लाभ मिलेगा। वास्तविक आर्थिक लाभ तभी दिया जाएगा, जब अदालत के आदेश में इसकी स्पष्ट अनुमति होगी।

5. अदालत नहीं जाने वाले कर्मचारियों के लिए क्या है नियम?

जो कर्मचारी अपने सेवा लाभों के लिए अदालत नहीं गए थे, उनके मामलों का निपटारा सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त 2026 को जमीत सिंह मामले में दिए गए फैसले के आधार पर किया जाएगा।

सिर्फ इस आधार पर कि समान स्थिति वाले किसी दूसरे कर्मचारी को अदालत से राहत मिल गई है, सभी कर्मचारियों को अपने आप लाभ नहीं मिलेगा।

6. अंतिम आदेश सचिव की मंजूरी से होंगे जारी

कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को वरिष्ठता सूची में संशोधन और नियमित या समीक्षा DPC की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जारी होने वाले अंतिम आदेश संबंधित विभाग के सचिव की मंजूरी से ही जारी होंगे। आदेशों के पालन में लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

इस बदलाव से उन सरकारी कर्मचारियों की सेवा संबंधी स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिन्होंने अपनी नौकरी की शुरुआत अनुबंध आधार पर की थी। उनकी वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों की गणना में बदलाव हो सकता है। हालांकि, इसका लाभ संबंधित नियुक्ति नियमों, न्यायालय के फैसलों और विभागीय समीक्षा के आधार पर तय होगा।

अब सभी विभागों में नई वरिष्ठता सूचियां तैयार होने और समीक्षा DPC की प्रक्रिया पर कर्मचारियों की नजर रहेगी।

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