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एमडीएम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दिया जाए दर्जा

सोलन। सोलन में शनिवार को जिला मिड-डे मील वर्कर यूनियन की बैठक हुई। जिला अध्यक्ष रीता शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक को संबोधित करते हुए जिला महासचिव सपना ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण मिड-डे मील वर्कर लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्हें न तो समय पर मानदेय मिलता है और न ही छुट्टियों की कोई सुविधा दी जाती है। वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने मांग की कि वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित कर सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। सीटू जिला महासचिव मोहित वर्मा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि चार नई श्रम संहिताओं के जरिए मजदूरों के अधिकारों को छीना जा रहा है और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने 10 अगस्त को आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी किसान-मजदूर जेल भरो आंदोलन एवं प्रदर्शन में एमडीएम वर्करों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। इसमें यूनियन एमडीएम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, सम्मानजनक वेतन, ग्रेच्युटी, पीएफ, मेडिकल सुविधा और पेंशन लागू की जाए, 44 पुराने श्रम कानूनों को बहाल किया जाए, मनरेगा के तहत काम और रोजगार की पूर्ण गारंटी दी जाए, न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह घोषित हो। बैठक में सीटू के जिला महासचिव मोहित वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर संगठन को जिले भर में मजबूत करने का संकल्प लिया गया। बैठक में इंद्र, किरण, महेंद्र, रीता और विमला सहित कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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