ताज़ा खबरेंहिमाचल

हिमाचल विधानसभा में बड़ा खुलासा: 400 सरकारी दफ्तर अब भी बायोमेट्रिक हाजिरी से दूर, फील्ड स्टाफ और नेटवर्क की कमी बनी वजह


शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और संस्थानों में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य किए जाने के बावजूद प्रदेश के करीब 400 कार्यालयों में कर्मचारी अब भी बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए लिखित जवाब में यह जानकारी सामने आई है।


18 नवंबर 2022 को जारी हुए थे निर्देश
आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार के सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद 18 नवंबर 2022 को सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों में बायोमेट्रिक सिस्टम के माध्यम से उपस्थिति लागू करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद कई कार्यालयों और फील्ड इकाइयों में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है।


सरकार के अनुसार निर्वाचन, कृषि, गृह, जल शक्ति, भाषा एवं संस्कृति, लोक निर्माण, पर्यटन, सैनिक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, वन, आयुष, ग्रामीण विकास और राजस्व समेत कई विभागों के कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित नहीं हैं या उनका नियमित इस्तेमाल नहीं हो रहा है।


फील्ड स्टाफ के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था बनी चुनौती
जल शक्ति, वन, बिजली, पुलिस, अग्निशमन, राजस्व और ग्रामीण विकास विभागों के कर्मचारियों का कार्यक्षेत्र काफी व्यापक और बिखरा हुआ होता है। कर्मचारियों को दिनभर निरीक्षण, सर्वेक्षण, रखरखाव और आपात सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है। ऐसे में एक निश्चित स्थान पर लगी बायोमेट्रिक मशीन से नियमित हाजिरी लगाना व्यावहारिक नहीं माना गया है।
दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की कमी भी ऑनलाइन हाजिरी लागू करने में बड़ी बाधा बन रही है।


वन विभाग में टूर डायरी से दर्ज होती है उपस्थिति
वन विभाग ने बताया कि फील्ड स्टाफ की उपस्थिति टूर डायरी और कार्य अभिलेखों के माध्यम से सुनिश्चित की जाती है। वहीं पुलिस और अग्निशमन विभागों में कर्मचारियों की ड्यूटी 24 घंटे और आपात परिस्थितियों से जुड़ी होने के कारण बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था को व्यावहारिक नहीं माना गया है।


अतिरिक्त ड्यूटी पर कम्पेनसेटरी लीव का प्रावधान
सरकार ने बताया कि कार्यालय समय से पहले या बाद में विधिवत अतिरिक्त ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को नियमों के तहत प्रतिपूरक अवकाश देने का प्रावधान है। छह घंटे से अधिक अतिरिक्त ड्यूटी के बदले एक कम्पेनसेटरी लीव दी जा सकती है। हालांकि ओवरटाइम भत्ता प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को यह सुविधा नहीं मिलती।


नई बायोमेट्रिक नीति की जरूरत नहीं
सरकार के अनुसार फिलहाल बायोमेट्रिक उपस्थिति से संबंधित नई नीति या योजना बनाने की आवश्यकता नहीं समझी गई है। हालांकि कुछ विभागों में तकनीकी समाधान तलाशने और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के वैकल्पिक माध्यमों पर विचार किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Share with