हिमाचल के सरकारी CBSE स्कूलों में बड़े युक्तिकरण की तैयारी, 145 स्कूलों की मैपिंग शुरू; शिक्षकों की तैनाती का बनेगा नया खाका

शिमला, 9 सितंबर 2026। हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर बड़े स्तर पर युक्तिकरण की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने 145 पीएम श्री, उत्कृष्ट और मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के साथ प्राथमिक विद्यालयों की मैपिंग कर शिक्षकों की वास्तविक जरूरत का आकलन शुरू किया है।
इस प्रक्रिया के आधार पर भविष्य में शिक्षकों के पदों के सृजन, पुनर्संयोजन और तैनाती को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा सकता है। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों की संख्या और शैक्षणिक जरूरत के अनुसार स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना है।
145 स्कूलों के साथ प्राथमिक विद्यालयों की मैपिंग
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उपनिदेशकों को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जारी सूची में 145 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के साथ संबंधित राजकीय प्राथमिक केंद्रीय विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को भी जोड़ा गया है।
पहली बार सीबीएसई उप-संवर्ग के स्कूलों को प्राथमिक स्तर से जोड़कर पूरे शैक्षणिक ढांचे का एक साथ आकलन किया जाएगा। इससे विभाग को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि प्राथमिक से वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक कहां शिक्षकों की कमी है और कहां आवश्यकता से अधिक स्टाफ उपलब्ध है।
विषयवार शिक्षकों की जरूरत का होगा आकलन
युक्तिकरण प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या, उपलब्ध शिक्षक, स्वीकृत पद और विषयवार शिक्षकों की जरूरत का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
इन आंकड़ों के आधार पर ऐसे स्कूलों की पहचान की जाएगी, जहां शिक्षकों की कमी है या आवश्यकता से अधिक पद उपलब्ध हैं। इसके बाद विभाग नए पदों के सृजन, पदों के पुनर्संयोजन या शिक्षकों के समायोजन पर निर्णय ले सकता है।
पीएम श्री और मॉडल स्कूलों पर विशेष फोकस
इस पूरी प्रक्रिया में पीएम श्री, उत्कृष्ट और मॉडल स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन स्कूलों को सीबीएसई प्रणाली के तहत आदर्श संस्थानों के रूप में विकसित करने की योजना है। इसलिए विभाग इन स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहता है, ताकि पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश
निदेशालय ने बीईईओ, स्कूल प्रमुखों और संबंधित शाखाओं को शिक्षकों की तैनाती, स्वीकृत पदों और स्थापना से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से अपने अधीन आने वाले स्कूलों की पूरी जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने को कहा गया है।
अब इस पूरी प्रक्रिया के बाद कहां शिक्षकों के पद बढ़ेंगे, कहां स्टाफ का समायोजन होगा और किन स्कूलों में पदों का पुनर्संयोजन किया जाएगा, इस पर विभाग आगे फैसला ले सकता है।




