हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षकों की पसंद के स्कूल में नियुक्ति पर सरकार को फिर विचार के निर्देश


हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार की नई व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने शिक्षकों को उनकी पसंद के स्कूलों में तैनाती देने के फैसले को वापस लेने पर विचार करने के निर्देश दिए हैं।
मामला सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और तैनाती से जुड़ा है। सरकार की ओर से बनाई गई नई व्यवस्था के तहत सेवारत शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल के लिए विकल्प दे सकते हैं। हालांकि पसंद का स्कूल मिलना अनिवार्य नहीं है और तैनाती रिक्तियों, वरिष्ठता, सेवा अवधि, कार्य-आचरण तथा प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर की जानी है।
इससे पहले शिक्षकों की तैनाती स्क्रीनिंग परीक्षा में प्राप्त मेरिट के आधार पर करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया था और मेरिट सूची भी तैयार की गई थी।
नई व्यवस्था आने के बाद शिक्षकों की तैनाती को लेकर स्थिति बदल गई। इसी मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से शिक्षकों को पसंद के स्कूल चुनने का विकल्प देने वाली व्यवस्था पर सवाल उठाए और सरकार से इस फैसले को वापस लेने पर विचार करने को कहा।
अदालत के रुख के बाद अब सरकार के सामने शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया को लेकर दोबारा निर्णय लेने की स्थिति बन गई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि सरकार नई व्यवस्था में बदलाव करती है या शिक्षकों की तैनाती के लिए पहले वाली मेरिट आधारित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है।
मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होनी है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम और अदालत में रखे जाने वाले पक्ष पर है।




