कसौली लिटफेस्ट 2026 में NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और Gen Z आंदोलन पर होगी चर्चा


पूरी खबर:
सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कसौली में एक बार फिर साहित्य, शिक्षा, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर विचारों का बड़ा मंच सजने जा रहा है। खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में NEET पेपर लीक, देश की शिक्षा व्यवस्था और Gen Z आंदोलन जैसे चर्चित विषयों पर चर्चा होगी। इस आयोजन में साहित्य, कला, संगीत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
23 से 25 अक्टूबर तक होगा आयोजन
खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक कसौली में प्रस्तावित है। इस दौरान अलग-अलग सत्रों में देश और दुनिया से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साहित्य प्रेमियों, युवाओं और सामाजिक विषयों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह आयोजन खास रहने वाला है।
NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर उठेंगे सवाल
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे में NEET पेपर लीक का मुद्दा लिटफेस्ट के प्रमुख विषयों में शामिल रहेगा। परीक्षा प्रणाली में भरोसा, विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा के जरिए इन मुद्दों के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिल सकता है।
Gen Z आंदोलन भी रहेगा चर्चा का विषय
युवाओं की भागीदारी, उनकी अपेक्षाओं और सामाजिक-राजनीतिक बदलावों में उनकी भूमिका पर भी विचार किया जाएगा। Gen Z आंदोलन जैसे विषयों के जरिए नई पीढ़ी की सोच, असहमति जताने के तरीके और देश-दुनिया में उभरते नए सामाजिक रुझानों पर चर्चा होने की संभावना है।
कई चर्चित हस्तियां होंगी शामिल
इस साहित्यिक आयोजन में प्रसिद्ध लोगों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। उपलब्ध शीर्षक के अनुसार, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और लोकप्रिय पंजाबी गायक सतिंदर सरताज सहित कई चर्चित हस्तियों के नाम आयोजन से जुड़े हैं। इनके अलावा साहित्यकारों, विचारकों और अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी कार्यक्रम को खास बना सकती है।
साहित्य और विचारों का अनूठा संगम
कसौली में आयोजित होने वाला यह लिटफेस्ट साहित्यिक चर्चाओं के साथ-साथ समकालीन सामाजिक चुनौतियों पर संवाद का अवसर भी प्रदान करता है। यहां विभिन्न विचारों और अनुभवों को सुनने के माध्यम से प्रतिभागियों को नए दृष्टिकोण समझने का मौका मिलेगा।
अब देखना होगा कि 23 से 25 अक्टूबर तक होने वाले इस आयोजन में NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के आंदोलनों पर होने वाली चर्चाओं से कौन-से नए विचार सामने आते हैं। कसौली का यह साहित्यिक उत्सव एक बार फिर हिमाचल को राष्ट्रीय स्तर की वैचारिक चर्चाओं के केंद्र में ला सकता है।




