शिमला-कुफरी हाईवे पर जाम से मिलेगी राहत! 23 हेक्टेयर जमीन पर पार्किंग की तैयारी, 120 वाहन खड़े करने की होगी व्यवस्था


शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से मशहूर पर्यटन स्थल कुफरी की ओर जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शिमला-कुफरी-फागू राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगने वाले जाम की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने पार्किंग स्थल विकसित करने की दिशा में कदम उठाया है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद गल्लू क्षेत्र में 23 हेक्टेयर से अधिक जमीन पार्किंग के लिए चिन्हित की गई है। इससे हाईवे पर बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों की समस्या कम होने की उम्मीद है।
एक साथ खड़े हो सकेंगे 120 वाहन
प्रशासन की ओर से अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, गल्लू में एडवेंचर रिजॉर्ट के पास सरकारी प्राथमिक पाठशाला से लगती जमीन को पार्किंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। प्रस्तावित पार्किंग में लगभग 50 बड़ी बसों और 70 छोटे वाहनों को खड़ा करने की क्षमता होगी।
इस व्यवस्था से पर्यटन सीजन के दौरान कुफरी और फागू जाने वाले पर्यटकों को अपने वाहन खड़े करने के लिए बेहतर जगह मिल सकती है। साथ ही, सड़क किनारे वाहनों की कतारें लगने से पैदा होने वाली यातायात संबंधी परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
हाईकोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान
शिमला-कुफरी-फागू राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने कुफरी-फागू स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के पास उपलब्ध जमीन के संभावित इस्तेमाल पर भी विचार किया।
अदालत ने निर्देश दिया कि यदि संस्थान की कुछ जमीन वर्तमान में उपयोग में नहीं है, तो जनहित को ध्यान में रखते हुए उसका इस्तेमाल मौसमी पार्किंग के लिए किए जाने की संभावना पर विचार किया जाए। इस संबंध में केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान को भी मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईवे से हटाई गईं फूड वैन
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन ने हाईवे पर खड़ी विभिन्न फूड वैन को भी हटा दिया है। सड़क किनारे वाहनों और अन्य गतिविधियों के कारण यातायात बाधित होने की समस्या को कम करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
प्रशासन की योजना है कि चिन्हित जमीन पर विकसित होने वाली पार्किंग में वाहन खड़े करने के लिए शुल्क लिया जाए। इससे पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
अगली सुनवाई 8 दिसंबर को
हाईकोर्ट ने प्रशासन को अगली सुनवाई तक हलफनामा दाखिल कर यह बताने के निर्देश दिए हैं कि हाईवे से वाहनों को हटाने, पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और वैध फूड स्टॉल स्थापित करने की दिशा में कितनी प्रगति हुई है।
इस मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
पर्यटन सीजन में मिलेगी कितनी राहत?
शिमला और कुफरी हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने से सड़कों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था होने से यातायात को सुचारू बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, प्रस्तावित पार्किंग स्थल का विकास कब तक पूरा होगा और इसे पर्यटकों के लिए कब खोला जाएगा, इसकी स्पष्ट समयसीमा अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल जमीन चिन्हित होने और हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही प्रक्रिया से लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।




