जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर हमला, बोले- वित्तीय विफलताएं छिपाने के लिए जनता पर थोपे जा रहे नए शुल्क


मंडी। हिमाचल प्रदेश में होटल कारोबारियों पर बढ़ाए गए शुल्क को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने के लिए जनता और कारोबारियों पर लगातार नए-नए शुल्क थोप रही है।
मंडी से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से होटलों के संचालन सहमति शुल्क (कंसेंट टू ऑपरेट) में की गई बढ़ोतरी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार का गवर्नेंस मॉडल जनता पर आर्थिक बोझ डालने तक सीमित रह गया है। उनके अनुसार छोटे और मध्यम होटल कारोबारियों के लिए यह फैसला परेशानी बढ़ाने वाला है।
छोटे होटलों का पांच साल का शुल्क 72 हजार से बढ़कर 1.80 लाख रुपये
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि नए शुल्क ढांचे के तहत 10 से 13 कमरों वाले ग्रीन श्रेणी के छोटे होटलों का पांच साल का संचालन सहमति शुल्क 72 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे होटल संचालकों पर 1.08 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि वार्षिक शुल्क भी 14,400 रुपये से बढ़ाकर 36,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, 20 से अधिक कमरों वाले ऑरेंज श्रेणी के होटलों के शुल्क में भी बढ़ोतरी का असर पड़ने की बात कही।
होटल कारोबारियों को लेकर जताई चिंता
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन कारोबार की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में छोटे होटल संचालकों पर भारी शुल्क लगाना उनके कारोबार को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित संसाधनों में होटल चलाने वाले कारोबारियों की तुलना बड़े औद्योगिक संस्थानों से करना कितना उचित है।
टॉयलेट टैक्स और अन्य शुल्कों का भी उठाया मुद्दा
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार पहले टॉयलेट टैक्स, फिर पर्यटक वाहनों पर टैक्स और अब होटल कारोबारियों पर बढ़े शुल्क के जरिए आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने स्कूल-कॉलेज की फीस, इलाज और राजस्व संबंधी कार्यों के शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सरकार को गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करनी चाहिए, न कि छोटे और मध्यम कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना चाहिए।
बढ़े हुए शुल्क वापस लेने की मांग
जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार से होटल संचालन सहमति शुल्क में की गई बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करने और बढ़े हुए शुल्क वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा जनता और कारोबारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले फैसलों का विरोध करेगी।
दिल्ली की रैली पर भी साधा निशाना
अपने बयान में जयराम ठाकुर ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली को भी फ्लॉप करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल और कार्यकर्ताओं के साथ सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कर दिल्ली पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रैली के मंच से बोलने का अवसर नहीं मिला।
जयराम ठाकुर के इन बयानों के बाद प्रदेश में होटल कारोबारियों पर बढ़े शुल्क और सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।




