
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। विधायकों ने सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार तक विधानसभा सचिवालय को करीब 220 प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं, जिनके माध्यम से सरकार से विभिन्न विभागों के कामकाज पर जवाब मांगा जाएगा।
विधानसभा सचिवालय अब इन प्रश्नों की जांच प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभागों को भेजेगा। विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक तथ्य जुटाकर अपने जवाब तैयार करेंगे, जिन्हें मानसून सत्र के दौरान सदन में प्रस्तुत किया जाएगा।
इन मुद्दों पर सरकार से मांगे जाएंगे जवाब
विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। प्रश्नों में मुख्य रूप से—
- सड़क निर्माण और रखरखाव
- पेयजल योजनाएं
- बरसात और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान
- राहत एवं पुनर्वास कार्य
- अवैध और वैध खनन गतिविधियां
- अन्य स्थानीय विकास कार्य
जैसे विषय शामिल हैं। इन सवालों के जरिए विधायक विभागों की कार्यप्रणाली और सरकार की योजनाओं की प्रगति का लेखा-जोखा मांगेंगे।
21 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक आयोजित होगा। यह वर्तमान विधानसभा का 12वां सत्र होगा। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, अभी प्रश्न जमा करने की प्रक्रिया जारी है और आने वाले दिनों में प्रश्नों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मानसून सत्र में आपदा प्रबंधन, विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।




