हिमाचल की एयर कनेक्टिविटी मजबूत करने की तैयारी, शिमला-चंडीगढ़ के बीच 9 अतिरिक्त उड़ानों की योजना


शिमला। हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की मॉडिफाइड उड़ान योजना से नई उम्मीद जगी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को इस योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों को नए हवाई मार्गों से जोड़ना, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाना और हेलीपोर्ट व छोटे हवाई अड्डों के विकास को गति देना है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में हवाई सेवाओं से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हलफनामा दाखिल कर योजना की जानकारी दी। इसमें बताया गया कि शिमला-चंडीगढ़ रूट पर 20 से 25 यात्रियों की क्षमता वाले ट्विन इंजन हेलीकॉप्टरों के संचालन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
वर्तमान में इस क्षमता के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने वाले देश में केवल तीन ऑपरेटर बताए गए हैं। इनमें पवन हंस लिमिटेड के पास एक हेलीकॉप्टर है, जो फिलहाल तकनीकी रखरखाव के दौर से गुजर रहा है।
हर सप्ताह नौ अतिरिक्त फेरे प्रस्तावित
राज्य सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि चंडीगढ़-शिमला मार्ग पर प्रति सप्ताह नौ अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने के लिए पवन हंस लिमिटेड के साथ समझौता किया जा रहा है। इससे दोनों शहरों के बीच हवाई आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि हिमाचल की वित्तीय स्थिति सीमित होने के कारण लंबे समय तक बायबिलिटी गैप फंडिंग देना संभव नहीं है। सरकार ने केंद्र से दीर्घकालिक सहायता की आवश्यकता जताते हुए कहा कि बेहतर हवाई संपर्क प्रदेश की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
संजौली हेलीपोर्ट पर भी नजर
हाईकोर्ट ने संजौली हेलीपोर्ट की क्षमता और इसके संचालन से जुड़े पहलुओं पर भी जानकारी ली। अदालत के समक्ष बताया गया कि संजौली हेलीपोर्ट को एमआई-172 श्रेणी के हेलीकॉप्टरों के लिए 26×26 मीटर के लैंडिंग और टेक-ऑफ क्षेत्र के साथ डिजाइन किया गया है।
वहीं, शिमला के 35 किलोमीटर के दायरे में ट्विन इंजन हेलीकॉप्टरों के संचालन के लिए कल्याणी और अन्नाडेल हेलीपैड के अलावा कोई अन्य नागरिक हेलीपोर्ट उपलब्ध नहीं है। ये दोनों हेलीपैड भारतीय सेना के नियंत्रण में हैं।
मामले में केंद्र और राज्य सरकार के हलफनामों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर 2026 की तारीख तय की है।




