हिमाचल में HIV के नए मामलों में 175% उछाल, 19% संक्रमण सिरिंज साझा करने से जुड़ा


शिमला: हिमाचल प्रदेश में HIV संक्रमण को लेकर सामने आए नए आंकड़ों ने जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को और तेज करने की जरूरत को सामने रखा है। वर्ष 2021-22 में जहां 363 नए HIV मामले सामने आए थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 1000 पहुंच गई। यानी तीन वर्षों में नए मामलों में करीब 175 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
शिमला के पीटरहॉफ में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश में HIV संक्रमण, जांच, उपचार और जागरूकता से जुड़े आंकड़े साझा किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने की।
19 फीसदी मामले सिरिंज साझा करने से जुड़े
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में सामने आए HIV मामलों के कारणों के विश्लेषण में करीब 19 फीसदी संक्रमण सिरिंज साझा करने से संबंधित पाया गया। यह खास तौर पर नशीली दवाओं के सेवन के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली साझा सिरिंज से HIV संक्रमण के खतरे को सामने लाता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच, उपचार और जागरूकता अभियान को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि संक्रमण की पहचान समय पर हो सके और संक्रमित लोगों को उपचार से जोड़ा जा सके।
किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सोलन सुरक्षित जिलों में
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश में एड्स से सुरक्षित माने जाने वाले 15 जिलों में हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सोलन भी शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश के तीन अन्य जिले भी सक्षम श्रेणी में शामिल हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि HIV संक्रमण की रोकथाम के लिए जांच, उपचार और जागरूकता अभियान लगातार मजबूत किए जा रहे हैं।
95-95-95 लक्ष्य में हिमाचल देश में आगे
HIV और एड्स की रोकथाम के लिए संयुक्त राष्ट्र के UNAIDS 95-95-95 लक्ष्य को हासिल करने में हिमाचल प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। कार्यक्रम में बताया गया कि इस लक्ष्य की दिशा में हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
इस लक्ष्य के तहत HIV से संक्रमित लोगों की पहचान करना, उन्हें उपचार से जोड़ना और उपचार के बाद वायरस को नियंत्रित स्तर पर बनाए रखना शामिल है।
2.86 लाख परिवारों तक पहुंची जागरूकता
HIV संक्रमण को लेकर जागरूकता अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की मदद ली जा रही है। 1000 आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रदेश के पांच जिलों के 2440 गांवों में करीब 2.86 लाख परिवारों तक HIV से संबंधित जागरूकता संदेश पहुंचाया गया है।
अभियान के जरिए लोगों को HIV संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों, जांच और उपचार की सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।
‘लड़ाई सिर्फ वायरस के खिलाफ नहीं’
विधायक हरीश जनारथा ने कहा कि HIV के खिलाफ लड़ाई केवल वायरस के खिलाफ नहीं, बल्कि अज्ञानता, डर, गलत धारणाओं, कलंक और भेदभाव के खिलाफ भी है।
उन्होंने कहा कि HIV संक्रमित लोगों के प्रति समाज को संवेदनशील और सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए। जागरूकता के माध्यम से लोगों में बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है, ताकि संक्रमित व्यक्ति सामाजिक भेदभाव के डर के बिना जांच और उपचार करा सके।
‘स्वच्छ हिमाचल-स्वस्थ हिमाचल’ का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ‘स्वच्छ हिमाचल-स्वस्थ हिमाचल’ के संकल्प के साथ कार-बिन बैग अभियान के तीसरे चरण का भी शुभारंभ किया गया। अभियान के माध्यम से स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि युवाओं तक HIV संक्रमण से जुड़े सही तथ्य और बचाव की जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। जागरूकता, समय पर जांच और उचित उपचार के जरिए संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।
आंकड़े एक नजर में
- 2021-22 में नए HIV मामले: 363
- 2024-25 में नए मामले: 1000
- 2021-22 से 2024-25 तक वृद्धि: करीब 175%
- 2025-26 में सिरिंज साझा करने से जुड़े संक्रमण: 19%
- HIV जागरूकता से जुड़े परिवार: 2.86 लाख
- जागरूकता अभियान में आशा कार्यकर्ता: 1000
- अभियान से जुड़े गांव: 2440
- सुरक्षित जिलों में शामिल: किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सोलन




