डाक से सामान भेजना हुआ महंगा, 500 ग्राम के पार्सल के लिए अब देने होंगे 34 रुपये


हमीरपुर: डाक के जरिए सामान भेजने वाले लोगों के लिए अब जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इंडिया पोस्ट ने पार्सल और स्पीड पोस्ट की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। अगस्त से लागू नई दरों के तहत 500 ग्राम तक के इंडिया पोस्ट पार्सल का शुल्क 18 रुपये से बढ़ाकर 34 रुपये कर दिया गया है। वहीं, सामान्य स्पीड पोस्ट की 20 ग्राम तक की दर भी 42 रुपये से बढ़कर 56 रुपये हो गई है।
डाक दरों में बढ़ोतरी का असर आम ग्राहकों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों पर भी पड़ेगा। घर से बाहर रहने वाले बच्चों को सामान भेजने, रिश्तेदारों तक जरूरी सामान पहुंचाने या ऑनलाइन कारोबार के तहत ग्राहकों को पार्सल भेजने वालों को अब पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना होगा।500 ग्राम के पार्सल पर कितना लगेगा शुल्क?
डाक विभाग की नई दरों के अनुसार 500 ग्राम तक के इंडिया पोस्ट पार्सल के लिए 34 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इस पर जीएसटी अतिरिक्त लगेगा। इसके अलावा पार्सल की दूरी और क्षेत्र के आधार पर शुल्क अलग-अलग हो सकता है
प्रदेश के भीतर पार्सल भेजने पर करीब 77 रुपये, मेट्रो जोन के लिए 82 रुपये और दूसरे राज्यों में भेजने पर 84 रुपये तक शुल्क निर्धारित किया गया है। पार्सल का वजन बढ़ने के साथ शुल्क भी बढ़ता जाएगा।35 किलो सामान भेजना भी महंगाभारी सामान भेजने वालों को भी अब ज्यादा भुगतान करना होगा। 35 किलोग्राम के इंडिया पोस्ट पार्सल के लिए स्थानीय स्तर पर करीब 1273 रुपये और दूसरे राज्यों में भेजने पर 3800 रुपये तक शुल्क देना पड़ सकता है।वहीं, स्पीड पोस्ट पार्सल में यही वजन और महंगा पड़ेगा। 35 किलोग्राम के स्पीड पोस्ट पार्सल के लिए स्थानीय स्तर पर अधिकतम 1444 रुपये और दूसरे राज्यों में भेजने पर 5058 रुपये तक शुल्क निर्धारित किया गया है।
स्पीड पोस्ट की दर भी बढ़ीपार्सल के साथ सामान्य स्पीड पोस्ट भी महंगी हो गई है। पहले 20 ग्राम तक के स्पीड पोस्ट के लिए 42 रुपये शुल्क लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 56 रुपये कर दिया गया है।यानी शुरुआती वजन श्रेणी में ही 14 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वजन और दूरी बढ़ने के साथ स्पीड पोस्ट की अन्य श्रेणियों में भी करीब 10 से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
छोटे कारोबारियों पर भी असरडाक सेवाओं की दरों में बढ़ोतरी का असर छोटे कारोबारियों और घरेलू उत्पाद बेचने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है। जो कारोबारी डाक के माध्यम से अपने उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाते हैं, उनके लिए डिलीवरी लागत बढ़ जाएगी।कम कीमत वाले उत्पादों में पार्सल शुल्क बढ़ने से कुल लागत पर ज्यादा असर पड़ सकता है। ऐसे में कारोबारियों को उत्पाद की कीमत तय करते समय बढ़े हुए डिलीवरी खर्च को भी ध्यान में रखना होगा।
अगस्त से लागू हुई नई दरेंडाक विभाग हमीरपुर के उपअधीक्षक जोगिंद्र सिंह के अनुसार पार्सल और स्पीड पोस्ट की संशोधित दरें अगस्त से लागू कर दी गई हैं। अब ग्राहकों से नई दरों के अनुसार ही शुल्क लिया जा रहा है।ऐसे में डाक से सामान भेजने से पहले उसके वजन, दूरी और गंतव्य के आधार पर लगने वाले शुल्क की जानकारी लेना जरूरी होगा। खासकर छोटे पार्सल भेजने वालों के लिए शुरुआती शुल्क में हुई बढ़ोतरी सीधे उनकी जेब पर असर डालेगी।




