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Himachal Rain: बारिश से हिमाचल में बिगड़े हालात, 140 सड़कें बंद; 46 ट्रांसफार्मर और 244 पेयजल योजनाएं प्रभावित, अब तक 177 मौतें

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से दुश्वारियां लगातार बढ़ रही हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 14 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 140 सड़कें बंद हैं, जबकि 46 बिजली ट्रांसफार्मर ठप और 244 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। एक दिन पहले शाम की रिपोर्ट में 136 सड़कें बंद, नौ ट्रांसफार्मर और 242 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं।

मंडी में सबसे ज्यादा 52 सड़कें बंदबारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है। यहां 52 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज की 35, थलौट की सात, पधर की पांच, सुंदरनगर और जोगिंदरनगर की एक-एक, धर्मपुर की एक और सरकाघाट की दो सड़कें शामिल हैं।

कुल्लू में 37 सड़कें बंद हैं। बंजार में 15, कुल्लू में आठ, आनी में छह और निरमंड में आठ सड़कें प्रभावित हैं। चंबा में भी बारिश और भूस्खलन के कारण 29 सड़कें बंद हैं। जिले में छह ट्रांसफार्मर और 16 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

शिमला और सिरमौर में भी असरशिमला जिले में चार सड़कें बंद हैं। ठियोग, रामपुर और सुन्नी में सड़कें प्रभावित हैं। सिरमौर में छह सड़कें बंद हैं, जिनमें नाहन की तीन, संगड़ाह की तीन और राजगढ़ की एक सड़क शामिल है। सिरमौर में 35 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। ऊना में चार सड़कें बंद हैं।मानसून में अब तक 177 लोगों की मौतरिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 13 अगस्त तक मानसून के दौरान आपदा से प्रदेश में 177 लोगों की मौत हुई है, जबकि 271 लोग घायल हुए हैं। इस दौरान 708 पशुओं की भी मौत दर्ज की गई है।

मानसून से प्रदेश को अब तक 95,552.23 लाख रुपये यानी करीब 955.52 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आपदा से मौतों के मामले में चंबा में 25, कुल्लू में 23, सिरमौर में 23, कांगड़ा में 22 और शिमला में 22 मौतें दर्ज की गई हैं। मंडी, सोलन और ऊना में 10-10 मौतें हुई हैं।सड़क हादसों में भी 100 लोगों की जान गईमानसून अवधि में सड़क दुर्घटनाएं भी जानलेवा साबित हुई हैं। रिपोर्ट में सड़क हादसों में 100 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें चंबा और सिरमौर में 16-16, कुल्लू में 14, कांगड़ा में 10 और शिमला में 11 मौतें शामिल हैं।

चिंतपूर्णी मेले के चलते ऊना में रूट डायवर्टऊना में श्रावण अष्टमी मेले के चलते यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 21 अगस्त तक मुबारकपुर से देहरा और अन्य गंतव्यों की ओर जाने वाले भारी मोटर वाहनों (HMV) को अंब-कालोहा मार्ग से भेजा जाएगा।

बारिश के कारण प्रदेश में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी जरूरी सेवाएं प्रभावित होने से लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित सेवाओं को बहाल करने का काम जारी है।

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