बद्दी-नालागढ़ में NCB की बड़ी रेड, ठिकानों से निकला नशे का बड़ा जखीरा; 25 लाख गोलियां और 2,000 किलो से ज्यादा पाउडर जब्त


सोलन: बद्दी-नालागढ़ क्षेत्र में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की चंडीगढ़ यूनिट ने नशीली दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित फार्मास्यूटिकल ड्रग डायवर्जन रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कई ठिकानों पर हुई छापेमारी के दौरान करीब 25 लाख नशीली गोलियां और 2,000 किलोग्राम से ज्यादा टैपेंटाडोल पाउडर बरामद किया गया है। मामले में एक फार्मा कंपनी के मालिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
NCB के अनुसार, बरामद दवाएं और पाउडर नालागढ़ के जगतखाना गांव में किराये पर ली गई तीन दुकानों और बद्दी स्थित एक अनधिकृत गोदाम में रखा गया था। अधिकारियों को इन ठिकानों से बड़ी मात्रा में ऐसी दवाएं मिलीं, जिनके वैध चिकित्सा उपयोग के बजाय कथित तौर पर अनधिकृत बाजार में डायवर्जन किए जाने की आशंका है।
बिना अनुमति तैयार हो रहा था टैपेंटाडोल पाउडर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जगतखाना स्थित एक फार्मा कंपनी में कथित तौर पर बिना अनुमति टैपेंटाडोल पाउडर तैयार किया जा रहा था। NCB टीम ने कंपनी परिसर से करीब 40 किलोग्राम वजन वाले 30 ड्रम बरामद किए। इसके अलावा अलग-अलग ठिकानों से बड़ी मात्रा में तैयार नशीली गोलियां भी मिलीं।
बरामद सामग्री को जब्त करने के बाद NCB ने जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद टीम ने संबंधित फार्मा कंपनी के मालिक को बद्दी स्थित उसके आवास से हिरासत में लिया। उससे दवाओं के निर्माण, भंडारण और कथित तौर पर अनधिकृत बाजार में सप्लाई से जुड़े मामलों में पूछताछ की जा रही है।
ड्रग डायवर्जन नेटवर्क की भी जांच
NCB अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद दवाओं का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। अधिकारियों को आशंका है कि इस मामले के तार बहुराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग डायवर्जन नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वैध चिकित्सा उपयोग के लिए तैयार की गई दवाएं कथित तौर पर अनधिकृत बाजार तक कैसे पहुंच रही थीं। इसके अलावा वित्तीय लेन-देन, पैसों के स्रोत और मनी ट्रेल की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में हिमाचल प्रदेश राज्य दवा नियंत्रण प्रशासन के छह ड्रग इंस्पेक्टरों ने NCB टीम की सहायता की।
BBN में पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं नशीली दवाएं
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) क्षेत्र में नशीली और नकली दवाओं के मामलों में पहले भी कई बड़ी कार्रवाई हो चुकी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 29 अगस्त को चंडीगढ़-बद्दी हाईवे पर 67.80 लाख नशीली गोलियां पकड़ी गई थीं। इससे दो दिन पहले, 27 अगस्त को बद्दी के एक बंद गोदाम से करीब चार लाख नशीली गोलियां और इंजेक्शन बरामद किए गए थे।
रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 के बीच बद्दी और आसपास के क्षेत्र से जुड़े स्प्यूरियस मैन्युफैक्चरिंग के 11 मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों में अब तक करीब 19 लोगों की गिरफ्तारी दर्ज की गई है।
ड्रग कंट्रोल विभाग करेगा आगे की कार्रवाई
ड्रग नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि बद्दी स्थित गोदाम से बरामद सामग्री का आकलन करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित फार्मास्यूटिकल यूनिट पहले भी निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई के दायरे में आ चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, यह यूनिट इस साल फरवरी तक सील थी और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स इसकी तलाशी भी ले चुकी है। दवा नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कंपनी ने हाल ही में दोबारा उत्पादन गतिविधियां शुरू की थीं।
फिलहाल NCB की जांच जारी है। जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इतनी बड़ी मात्रा में बरामद नशीली दवाओं का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।




