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‘कानों पर जू नहीं रेंगती?’… कंगना का अधिकारियों पर फूटा गुस्सा, 11 करोड़ में से एक करोड़ भी खर्च नहीं, बैठक में जमकर लगाई क्लास

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मंडी। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मंडी की सांसद कंगना रणौत अधिकारियों पर जमकर नाराज हो गईं। विकास कार्यों में देरी और पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने को लेकर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।


कंगना ने सख्त लहजे में कहा कि अगर हर बैठक में वही बातें दोहराई जाती रहें और जमीन पर काम नहीं हो तो बैठकों का क्या फायदा है। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में भी वही मुद्दे उठे थे, जो इस बैठक में सामने आ रहे हैं।


11 करोड़ रुपये में से एक करोड़ भी खर्च नहीं
कंगना ने कहा कि बीते मार्च-अप्रैल तक दो वर्षों में जारी 11 करोड़ रुपये में से एक करोड़ रुपये भी खर्च नहीं किए गए थे। उन्होंने कहा कि राशि के इस्तेमाल को लेकर मंत्रालय की ओर से बार-बार पत्र भेजने पड़े।


उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों ने पैसे ले लिए, जबकि कई लोग राशि लेकर बैठे हैं और काम शुरू नहीं किया गया। उन्होंने कथित तौर पर झूठे एनओसी पर हस्ताक्षर करवाए जाने का भी मुद्दा उठाया।


कंगना ने कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों को ब्लैकलिस्ट करने और जुर्माना लगाने की कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार करीब 30 से 40 फीसदी पैसा डिफॉल्टरों के पास पड़ा है।


‘जुमलों से काम नहीं चलेगा’
बैठक में कंगना ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि हर दिशा बैठक में उन्हें अधिकारियों के जुमले सुनने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि केवल बातें करने से काम नहीं चलेगा और योजनाओं को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारना जरूरी है।


तीखे तेवर दिखाते हुए उन्होंने कहा—“बार-बार वही सुझाव आते हैं। उन पर अमल नहीं होता। आपके कानों पर जू नहीं रेंगती। सबका वक्त क्यों बर्बाद किया जा रहा है?”
उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को खड़े होने के लिए भी कहा।


लंबित कार्यों की बनेगी अलग-अलग सूची
केंद्र से राशि मिलने के बावजूद भू-अधिग्रहण, विभिन्न अनुमतियों और एनओसी के अभाव में अटके विकास कार्यों पर भी सांसद ने सवाल उठाए।


उन्होंने निर्देश दिए कि विकास कार्यों की प्रगति के आधार पर अलग-अलग सूचियां तैयार की जाएं। प्रत्येक लंबित मामले के लिए समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार करने को भी कहा, ताकि यह स्पष्ट रहे कि कौन सा काम किस स्तर पर अटका हुआ है।


लापरवाही पर उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजने की चेतावनी
कंगना ने चेतावनी दी कि मंडी संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों पर पूरे देश की नजर है। इसलिए विभागीय लापरवाही से गलत संदेश नहीं जाना चाहिए।


उन्होंने कहा कि सिर्फ राशि वापस करने के निर्देश देना पर्याप्त नहीं है। जब तक पैसा सरकारी खाते में वापस नहीं आता, तब तक कार्य को अधूरा ही माना जाएगा।
सांसद ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने की चेतावनी भी उन्होंने दी।


बैठक के दौरान कंगना के तीखे तेवरों का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह अधिकारियों से सवाल-जवाब करती नजर आ रही हैं।

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