रितु नेगी का छलका दर्द, बोलीं- क्या दो दिन में हिमाचल की बेटी नहीं रही?


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हिमाचल प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी रितु नेगी का नाम नकद पुरस्कार सूची से हटाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। एशियाई खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली रितु इस फैसले से बेहद आहत हैं। उन्होंने भावुक होकर सवाल उठाया कि आखिर दो दिन में ऐसा क्या बदल गया कि वह हिमाचल की बेटी नहीं रहीं?
पुरस्कार सूची से नाम हटने पर उठे सवाल
सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र की रहने वाली रितु नेगी भारतीय महिला कबड्डी टीम की अहम खिलाड़ी रही हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले उन्हें बधाई दी थी, लेकिन बाद में एक-एक करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार से जुड़ी सूची में उनका नाम शामिल नहीं था। इसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
रितु नेगी ने जताई नाराजगी
रितु नेगी ने कहा कि कुछ दिन पहले तक उन्हें हिमाचल की बेटी बताकर सम्मान दिया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बधाई संदेश साझा किया था, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सांसद अनुराग ठाकुर ने भी उन्हें फोन कर बधाई दी थी। ऐसे में अचानक उनका नाम सूची से हटने पर उन्हें काफी दुख हुआ है।
रितु ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं, लेकिन घरेलू खेल प्रतियोगिताओं में उन्होंने हरियाणा की जगह हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने अपने खेल के माध्यम से देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। ऐसे में उनके नाम को पुरस्कार सूची से बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।
पिता ने भी उठाए सवाल
रितु के पिता भवन सिंह नेगी ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी बेटी की दूसरे राज्य में शादी हो जाने से उसके मायके और गृह राज्य से उसका रिश्ता खत्म हो जाता है? उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2023 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद रितु को हिमाचल सरकार की ओर से नकद पुरस्कार मिला था। उस समय भी उनकी शादी हो चुकी थी।
खिलाड़ियों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महिला कबड्डी खिलाड़ियों पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर के साथ महिला क्रिकेटर रेणुका ठाकुर के लिए एक-एक करोड़ रुपये के पुरस्कार की घोषणा की थी। इसके बाद रितु नेगी का नाम सूची में नहीं होने पर सवाल उठने लगे।
खेल मंत्री ने कही समीक्षा की बात
इस मामले पर हिमाचल प्रदेश के खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि उन्हें रितु नेगी का नाम हटाए जाने का कारण पता नहीं है। उन्होंने मामले की फाइल देखने और मुख्यमंत्री से चर्चा करने की बात कही है। वहीं, शिलाई के पूर्व भाजपा विधायक बलदेव सिंह तोमर ने भी सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
रितु नेगी लगातार तीन एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनके नाम दो स्वर्ण पदक और एक रजत पदक की उपलब्धि दर्ज है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार मामले की समीक्षा के बाद क्या फैसला लेती है और क्या रितु नेगी को भी घोषित पुरस्कार का लाभ मिलेगा।




