हिमाचल में राशन, गैस और दवाओं की शिकायतों पर होगी सीधी सुनवाई, सरकार ने बनाया शिकायत निवारण प्रकोष्ठ; जानें उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा लाभ


हिमाचल प्रदेश में राशन, घरेलू गैस और दवाइयों से जुड़ी समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने और लोगों तक आवश्यक वस्तुओं की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम मुख्यालय में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है।
इस प्रकोष्ठ के माध्यम से उपभोक्ताओं की राशन, घरेलू गैस और दवाओं से संबंधित शिकायतों पर सीधी सुनवाई की जाएगी। लोग अपनी शिकायतें निगम के ईमेल के माध्यम से भी भेज सकेंगे।
19.42 लाख राशन कार्ड धारकों को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 19.42 लाख राशन कार्ड धारकों को हर माह सब्सिडी पर खाद्य तेल, नमक और दालें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा चावल, आटा और अन्य खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति भी की जा रही है।
हिमाचल राज्य नागरिक आपूर्ति निगम प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
47 मेडिकल स्टोरों पर छूट में मिल रही दवाइयां
राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के 47 मेडिकल स्टोरों पर दवाइयां 10.25 से 50 फीसदी तक की छूट पर उपलब्ध हैं। खबर के अनुसार, इन मेडिकल स्टोरों पर 24 घंटे दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
इसके अलावा निगम की 54 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू एलपीजी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। निगम प्रदेश में चार पेट्रोल पंप भी संचालित कर रहा है।
किसानों से सीधे खरीदा जा रहा धान और गेहूं
सरकार की ओर से किसानों को भी लाभ पहुंचाने के लिए सीधे कृषि उपज की खरीद की जा रही है। वर्ष 2022-23 से किसानों से धान की सीधी खरीद शुरू की गई थी। वर्ष 2025-26 में अक्तूबर से दिसंबर तक 21,127 मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
वर्ष 2023-24 से गेहूं की सीधी खरीद भी शुरू हुई। वर्ष 2026-27 में अब तक 4,567.50 मीट्रिक टन गेहूं खरीदे जाने की जानकारी दी गई है।
प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 217 मीट्रिक टन मक्की खरीदी गई। खरीदी गई मक्की और गेहूं को प्रसंस्कृत कर हिम मक्की आटा और हिम भोग गेहूं आटा के नाम से उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जा रहा है।
एलपीजी कनेक्शनों की सुरक्षा जांच भी जारी
प्रदेश की 54 गैस एजेंसियों की ओर से घरेलू एलपीजी कनेक्शनों का सुरक्षा निरीक्षण किया गया है। 2,52,420 कनेक्शनों के लक्ष्य के मुकाबले 2,42,027 कनेक्शनों का निरीक्षण पूरा हो चुका है, जो करीब 96 फीसदी है।
इस दौरान उपभोक्ताओं को एलपीजी के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक किया गया।
आपदा के समय भी मदद पहुंचाता है निगम
राज्य नागरिक आपूर्ति निगम सरकारी विभागों को सीमेंट, पाइप, दवाइयां और मिड-डे-मील की सामग्री उपलब्ध कराता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों को भी राशन और अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति की जाती है। इन वस्तुओं की सालाना आपूर्ति का मूल्य करीब 10 से 15 करोड़ रुपये है।
प्राकृतिक आपदाओं के दौरान निगम प्रभावित परिवारों को निशुल्क राशन और एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में भी सहयोग करता है।
सरकार का कहना है कि शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित करने का उद्देश्य उपभोक्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है।




