हिमाचल में मिसाल बने डॉ. राजेंद्र कंवर: 80 करोड़ की संपत्ति सरकार को दान, देहदान का भी लिया संकल्प

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के जोलसप्पड़ निवासी 77 वर्षीय चिकित्सक डॉ. राजेंद्र कंवर ने समाजसेवा की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी और दिवंगत पत्नी कृष्णा कंवर की 80 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति प्रदेश सरकार को समर्पित कर दी है।
डॉ. कंवर ने 5 अगस्त को अपनी संपत्ति की गिफ्ट डीड प्रदेश सरकार के नाम कर दी। इसके बाद संबंधित भूमि का इंतकाल भी प्रदेश सरकार और डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के नाम दर्ज हो गया है।
2021 में ही लिया था संपत्ति दान करने का फैसलाडॉ. कंवर के अनुसार उन्होंने और उनकी पत्नी ने वर्ष 2021 में ही अपनी पूरी स्वयं अर्जित चल-अचल संपत्ति प्रदेश सरकार के नाम करने का निर्णय लिया था। अब उन्होंने इसे गिफ्ट डीड के माध्यम से सरकार को सौंप दिया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी स्वयं अर्जित संपत्ति है, जबकि पुश्तैनी संपत्ति वह अपने करीबी रिश्तेदारों को देंगे।
डॉ. कंवर की इच्छा है कि उनकी दान की गई संपत्ति का इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया जाए। उन्होंने सरकार से यहां जेरियाट्रिक केयर सेंटर या वृद्धाश्रम बनाने का आग्रह किया है। वह चाहते हैं कि इस संस्थान का नाम ‘कृष्णा राजेंद्र’ रखा जाए
घर, जमीन, आभूषण और बैंक जमा भी संपत्ति में शामिलजोलसप्पड़ में डॉ. कंवर का दो मंजिला मकान, पांच कनाल पांच मरला भूमि, आभूषण, कार, फर्नीचर, बैंक जमा राशि सहित अन्य संपत्तियां हैं। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इनकी कुल कीमत 80 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
खास बात यह है कि यह संपत्ति निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित है।आज भी चंद रुपये में कर रहे मरीजों का इलाज77 वर्ष की उम्र में भी डॉ. राजेंद्र कंवर मरीजों की सेवा में जुटे हुए हैं। वह अपने घर पर मरीजों का महज चंद रुपये में उपचार कर रहे हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने मृत्यु के बाद अपनी देह मेडिकल छात्रों के अध्ययन के लिए मेडिकल कॉलेज को दान करने का भी संकल्प लिया है। इसके लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में लिखित सहमति दी है और विभाग की ओर से उन्हें पहचान पत्र भी जारी किया गया है।लंबे समय तक दी स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सेवाएंडॉ. राजेंद्र कंवर ने 3 जनवरी 1977 को स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल ऑफिसर के रूप में सेवा शुरू की थी। वर्ष 2010 में वह वरिष्ठ चिकित्सक के पद से सेवानिवृत्त हुए।उनकी पत्नी कृष्णा कंवर ने शिक्षा विभाग में करीब 32 वर्ष तक सेवाएं दीं और वर्ष 2011 में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। उनका 6 दिसंबर 2020 को निधन हो गया था।
मुख्यमंत्री से भी साझा की इच्छाडॉ. कंवर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर अपनी संपत्ति के उपयोग को लेकर इच्छा बताई है। उन्होंने एसडीएम नादौन को भी इस संबंध में अवगत करवाया है।एसडीएम निशांत शर्मा ने डॉ. कंवर के इस फैसले की सराहना की। उनका यह कदम समाज के लिए सेवा, त्याग और मानव कल्याण की प्रेरणादायक मिसाल माना जा रहा है।




