एम्स बिलासपुर में बड़ी सौगात! पहली बार शुरू हुई गैस्ट्रो ओपीडी, कार्डियो में नई तैनाती… 2.80 करोड़ की मशीन से बदलेगी इलाज की तस्वीर


बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में संस्थान में पहली बार गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की ओपीडी शुरू की गई है। इसके साथ ही कार्डियोलॉजी विभाग में एक और विशेषज्ञ की तैनाती की गई है।
गैस्ट्रो ओपीडी शुरू होने से पेट, आंत, लिवर और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों से परेशान मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह और उपचार की सुविधा एम्स में ही मिल सकेगी। इससे मरीजों को इन समस्याओं के इलाज के लिए दूसरे बड़े अस्पतालों का रुख करने की जरूरत कम होगी।
वहीं कार्डियोलॉजी विभाग में एक और विशेषज्ञ की तैनाती से हृदय रोग से संबंधित मरीजों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग में विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने से मरीजों की जांच और उपचार की सुविधाओं को और बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
एम्स बिलासपुर में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए करीब 2.80 करोड़ रुपये की मशीन भी खरीदी गई है। अत्याधुनिक उपकरण के उपलब्ध होने से मरीजों की जांच और बीमारी की पहचान में चिकित्सकों को मदद मिलेगी।
संस्थान में लगातार नए विभागों, विशेषज्ञ सेवाओं और आधुनिक उपकरणों को जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम करना और उन्हें बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ओपीडी की शुरुआत, कार्डियोलॉजी में अतिरिक्त विशेषज्ञ की तैनाती और करोड़ों रुपये की आधुनिक मशीन की खरीद को एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




