पंचायतों के खर्च पर लगी लगाम! स्वच्छता की राशि अब तय 14 कामों पर ही होगी खर्च


हिमाचल प्रदेश: पंचायतों में स्वच्छता के नाम पर मिलने वाली राशि के इस्तेमाल को लेकर अब मनमानी नहीं चलेगी। विभाग ने पंचायतों को स्वच्छता निधि खर्च करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब यह राशि केवल निर्धारित 14 कार्यों पर ही खर्च की जा सकेगी।
विभाग की ओर से जारी निर्देशों का उद्देश्य स्वच्छता के लिए उपलब्ध राशि का सही और निर्धारित कार्यों में इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। पंचायतों को अब स्वच्छता निधि से होने वाले खर्च में तय नियमों का पालन करना होगा।
नई व्यवस्था के तहत पंचायतें स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों और सुविधाओं पर ही यह राशि खर्च कर सकेंगी। इससे राशि के दूसरे कार्यों में इस्तेमाल पर रोक लगेगी और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा।
विभाग ने पंचायत स्तर पर होने वाले खर्च में पारदर्शिता बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। अब स्वच्छता राशि से कोई भी ऐसा खर्च नहीं किया जा सकेगा, जो निर्धारित 14 कार्यों की सूची में शामिल नहीं है।
सरकार और विभाग का फोकस गांवों में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने पर है। नए निर्देशों के बाद पंचायतों को स्वच्छता निधि खर्च करते समय निर्धारित प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा।
विभाग के इन निर्देशों से पंचायतों में स्वच्छता निधि के इस्तेमाल को लेकर स्पष्टता आएगी और राशि के अनियमित या अन्य कार्यों में इस्तेमाल पर अंकुश लगने की उम्मीद है।




