हिमाचल में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा, 500 रोबोटिक सर्जन तैयार; 320 अतिरिक्त पीजी सीटों के लिए नड्डा से मांगा सहयोग


बिलासपुर में एम्स के पहले दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए सरकार की योजनाओं और प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं और करीब 500 रोबोटिक सर्जन तैयार किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से हिमाचल प्रदेश में मेडिकल पीजी की अतिरिक्त सीटें बढ़ाने के लिए सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 320 अतिरिक्त पीजी सीटें बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या 277 से बढ़ाकर 597 करने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को भेजा जा चुका है।
सुक्खू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं हिमाचल में ही उपलब्ध करवाना है, ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। कैंसर उपचार और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार आधुनिक जांच सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 3 टेस्ला एमआरआई, पीईटी-सीटी स्कैन, हाई-एंड एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं के विस्तार पर काम किया गया है। सरकार का लक्ष्य इन सुविधाओं को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचाना है।
इसके अलावा हमीरपुर में एलाइड हेल्थ कोर्सेज कॉलेज के माध्यम से पैरामेडिकल क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




