हिमाचल के युवाओं के लिए सेना में खुल सकता है नया रास्ता! CM सुक्खू ने केंद्र के सामने रखी बड़ी मांग, किन्नौर-लाहौल के युवाओं को मिलेगा मौका?


शिमला, 26 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए सेना में भर्ती के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए अलग हिमाचल स्काउट्स बटालियन गठित करने की मांग उठाई है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो विशेष रूप से किन्नौर और लाहौल-स्पीति के युवाओं को सेना में सेवा करने के नए अवसर मिल सकते हैं।
लद्दाख और अरुणाचल की तर्ज पर बनेगी बटालियन?
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से लद्दाख स्काउट्स, सिक्किम स्काउट्स और अरुणाचल प्रदेश स्काउट्स की तर्ज पर हिमाचल की अपनी समर्पित स्काउट्स बटालियन बनाने का आग्रह किया है। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय युवाओं की क्षमताओं का उपयोग करना है।
हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों के युवा ऊंचे पहाड़ों, कठिन रास्तों और प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में उनकी स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों की समझ सेना के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
किन्नौर और लाहौल-स्पीति के युवाओं को क्यों मिलेगा फायदा?
प्रस्तावित बटालियन में सीमावर्ती जिलों के युवाओं को विशेष भर्ती अवसर देने पर जोर दिया गया है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों के युवा ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में रहने और कठिन जलवायु का सामना करने के अभ्यस्त हैं।
अगर केंद्र सरकार इस मांग को मंजूरी देती है, तो इन क्षेत्रों के युवाओं के लिए सेना में भर्ती का एक अतिरिक्त रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अभी भर्ती की प्रक्रिया, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और आवेदन की तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
हिमाचल के एक लाख से अधिक युवा सेना में तैनात
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के एक लाख से अधिक युवा सशस्त्र बलों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा, लगभग इतनी ही संख्या में पूर्व सैनिक भी देश की रक्षा और सुरक्षा में अपना योगदान दे चुके हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के सैनिकों ने अपने साहस, समर्पण और बलिदान से देश का गौरव बढ़ाया है।
हिमाचल ने दिए हैं चार परमवीर चक्र विजेता
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की गौरवशाली सैन्य विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा का संबंध हिमाचल प्रदेश से था। प्रदेश ने अब तक चार परमवीर चक्र विजेता दिए हैं, जो यहां की वीरता और देशभक्ति की परंपरा को दर्शाता है।
क्या अब शुरू होगी भर्ती?
फिलहाल हिमाचल स्काउट्स बटालियन के गठन को लेकर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सामने मांग रखी है। इसे मंजूरी मिलने के बाद ही बटालियन की स्थापना और भर्ती से जुड़ी आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।
हिमाचल के युवाओं के लिए यह प्रस्ताव क्यों अहम है? क्योंकि इसके जरिए खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को सेना में सेवा करने का एक नया अवसर मिलने की उम्मीद है। लेकिन युवाओं को फिलहाल किसी आवेदन या भर्ती की घोषणा का इंतजार करना होगा।




