पीएमजीएसवाई की सड़कों पर अब नहीं चलेगी पुरानी व्यवस्था, 30 सितंबर तक करना होगा ये काम; वरना रुक सकता है भुगतान


शिमला। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत हिमाचल में सड़क निर्माण और भुगतान की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई के कामों के लिए ई-बीओक्यू, ई-एमबी और ई-बिलिंग मॉड्यूल लागू कर दिए हैं। हिमाचल सरकार को भी तय समय सीमा के भीतर इस नई व्यवस्था को लागू करना होगा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) ने 14 अगस्त से देशभर में पीएमजीएसवाई के कार्यों के लिए ई-बीओक्यू, ई-एमबी और ई-बिलिंग मॉड्यूल लागू किए हैं। केंद्र ने हिमाचल सरकार को 30 सितंबर तक इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं। तय समय तक सिस्टम ऑनलाइन नहीं होने की स्थिति में केंद्र से मिलने वाली राशि रोकी जा सकती है।
पीएमजीएसवाई के सभी काम नई व्यवस्था से होंगे
केंद्र ने हिमाचल में चल रही सभी पीएमजीएसवाई परियोजनाओं को नई डिजिटल व्यवस्था के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए हैं। पीएमजीएसवाई-4 बैच-1 के तहत तैयार की जा रही डीपीआर में भी नई प्रक्रिया का पालन करना होगा।
डीपीआर की एसटीए से जांच से पहले संबंधित अधिशासी अभियंता को एक अधिकारी की तैनाती करनी होगी। वहीं बीओक्यू तैयार करते समय डीपीआर में निर्धारित वास्तविक मात्रा का ही उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
मंजूरी के बाद बीओक्यू में नहीं होगा बदलाव
एमओआरडी और एनआरआईडीए से बीओक्यू मंजूर होने के बाद इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। स्वीकृत बीओक्यू के आधार पर ऑनलाइन तकनीकी मंजूरी दी जाएगी और इसके बाद इसे सीधे ई-जीपीएनआईसी पर टेंडर के लिए भेजा जाएगा।
इस व्यवस्था के लागू होने से पीएमजीएसवाई के तहत सड़क निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और अलग-अलग स्तरों पर काम एक समान डिजिटल प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।
पुराने कामों का भी होगा डिजिटलीकरण
विभाग ने पहले से आवंटित पीएमजीएसवाई-4 बैच-1 के कार्यों के बीओक्यू को भी डिजिटाइज कर ओएमएमएएस पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पाल सिंह के अनुसार, एनआरआईडीए की ओर से अधिकारियों को 17 अगस्त को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब विभाग ने सभी पीआईयू को निर्धारित समय सीमा के भीतर नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।
नई व्यवस्था के बाद पीएमजीएसवाई के तहत सड़क निर्माण से लेकर माप पुस्तिका, बिलिंग और भुगतान तक की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ेगी।



