हिमाचल में बारिश ने मचाई ऐसी तबाही कि बढ़ गईं मुश्किलें! 87 सड़कें बंद, 39 ट्रांसफार्मर प्रभावित और मौ*तों का आंकड़ा पहुंचा 256


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश का असर लगातार जारी है। बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 1 सितंबर 2026 की सुबह 10 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 87 सड़कें बंद हैं। वहीं 39 बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) और 39 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
सड़कें बंद होने के मामले में हमीरपुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां कुल 37 सड़कें बंद हैं। इनमें बड़सर में 19, सुजानपुर में दो, भोटा में नौ और भोरंज में सात सड़कें शामिल हैं।
इसके अलावा मंडी में 33, कुल्लू में 16, चंबा में आठ, कांगड़ा में सात, सोलन में छह, सिरमौर में नौ, शिमला में दो और लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद हैं।
बिजली व्यवस्था भी प्रभावित
लगातार बारिश और खराब मौसम का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 39 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं।
इनमें मंडी में 24, कुल्लू में 11, सोलन में चार और शिमला में दो DTR प्रभावित बताए गए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं प्रदेश में 39 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था पर असर पड़ा है।
मानसून में आपदा से 105 लोगों की मौत
मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं ने भी प्रदेश में भारी नुकसान किया है। 30 जून से 31 अगस्त 2026 तक प्रदेश में आपदा से 105 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, आग, सांप के काटने, पेड़ या चट्टान से गिरने और अन्य कारणों से हुई मौतें शामिल हैं।
जिलावार आंकड़ों की बात करें तो कांगड़ा और शिमला में 16-16, सिरमौर में 14, लाहौल-स्पीति में 14 और चंबा में 13 लोगों की आपदा के कारण मौत हुई है।
सड़क हादसों में 151 लोगों की गई जान
मानसून अवधि के दौरान सड़क दुर्घटनाओं ने भी चिंता बढ़ाई है। 30 जून से 31 अगस्त तक सड़क हादसों में 151 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
इस तरह प्राकृतिक आपदाओं और सड़क दुर्घटनाओं को मिलाकर मानसून अवधि में प्रदेश में 256 लोगों की जान जा चुकी है।
1200 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
मानसून की बारिश से हिमाचल को आर्थिक स्तर पर भी भारी नुकसान हुआ है। सरकारी संचयी रिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 31 अगस्त 2026 तक प्रदेश में कुल 1,20,213.42 लाख रुपये, यानी करीब 1,202 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।
इस नुकसान में सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ निजी संपत्ति, फसल, बागवानी और अन्य क्षेत्रों को हुआ नुकसान भी शामिल है।
बारिश का दौर जारी रहने के बीच बंद सड़कों, बिजली ट्रांसफार्मरों और पेयजल योजनाओं की बहाली प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। वहीं लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में लोगों की मुश्किलें अभी भी बनी हुई हैं।




