पंडोह में तीन साल बाद भी नहीं बनी ब्यास किनारे सुरक्षा दीवार, 2023 की आपदा का डर बरकरार; सायरन के भरोसे लोग


मंडी, 9 सितंबर 2026। वर्ष 2023 की भीषण आपदा के बाद पंडोह बाजार के लोगों को ब्यास नदी किनारे सुरक्षा दीवार बनाने का आश्वासन मिला था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में ब्यास नदी के किनारे बसे पंडोह के निचले बाजार के लोगों पर बाढ़ का खतरा आज भी मंडरा रहा है।
वर्ष 2023 में ब्यास नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया था। नदी का पानी पंडोह बाजार के निचले हिस्से में पहुंच गया था। जान बचाने के लिए लोगों को अपने घर और दुकानें छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा था। उस समय मौके पर पहुंचे मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए नदी किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाया जाएगा।
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन साल गुजरने के बावजूद यह आश्वासन धरातल पर नजर नहीं आया है। सुरक्षा दीवार आज भी लोगों के लिए सिर्फ एक वादा बनकर रह गई है।
2025 में महज 15 मिनट में बाजार तक पहुंचा पानी
पंडोह के लोगों की चिंता उस समय और बढ़ गई थी, जब वर्ष 2025 में रात के समय बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महज 15 मिनट में पानी बाजार के निचले हिस्से तक पहुंच गया था।
अचानक बढ़े जलस्तर के कारण कई लोगों को रातभर अपने घरों से बाहर रहना पड़ा। लोगों ने जरूरी सामान उठाया और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने में ही भलाई समझी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि स्थायी सुरक्षा व्यवस्था जल्द तैयार होगी, लेकिन अब वर्ष 2026 में भी स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है।
सायरन व्यवस्था के सहारे सुरक्षा
फिलहाल पंडोह बाजार के लोग संभावित खतरे से बचने के लिए मुख्य रूप से सायरन व्यवस्था पर निर्भर हैं। स्थानीय लोगों को चिंता है कि अगर अचानक ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा तो क्या उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का पर्याप्त मौका मिलेगा।
स्थानीय निवासी रमनदीप, महिंदर पाल, मेहुल और जितेंद्र कुमार का कहना है कि 2023 की आपदा के बाद सुरक्षा दीवार का आश्वासन मिलने से उन्हें उम्मीद जगी थी कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएंगे। उनका कहना है कि अब तक इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं हुआ है।
रिपोर्ट की बात, निर्माण का इंतजार
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सुरक्षा दीवार को लेकर अभी भी जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट लेने की बात कही जा रही है। बीबीएमबी से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक मामले में रिपोर्ट मांगे जाने की बात सामने आई है, लेकिन निर्माण कार्य आखिर कब शुरू होगा, इसकी स्पष्ट जानकारी लोगों को नहीं मिल पाई है।
बीबीएमबी अधिकारी केएस ठाकुर, एसडीएम सदर चंद्र प्रकाश और बीडीओ सदर सुरेंद्र कुमार ने सुरक्षा दीवार के संबंध में रिपोर्ट लेने की बात कही है।
बाढ़ की खबरों से फिर बढ़ी चिंता
नेपाल समेत अन्य क्षेत्रों में हाल में सामने आई बाढ़ और आपदा की घटनाओं ने पंडोह के लोगों की चिंता फिर बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ता है और वर्ष 2023 जैसी स्थिति दोबारा बनती है, तो निचले बाजार में भारी नुकसान हो सकता है।
फिलहाल वर्ष 2026 में स्थिति सामान्य है, लेकिन बाजार के बेहद करीब बह रही ब्यास नदी और सुरक्षा दीवार के अभाव में खतरा पूरी तरह टला नहीं है। अब स्थानीय लोगों को इंतजार है कि वर्षों से चले आ रहे आश्वासन और रिपोर्टों से आगे बढ़कर सुरक्षा दीवार का निर्माण वास्तव में कब शुरू होता है।




