भूस्खलन से थमा हिमाचल, 185 सड़कें और 77 पेयजल योजनाएं प्रभावित; किन्नौर कैलाश यात्रा पर रोक


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून का दौर लगातार मुश्किलें बढ़ा रहा है। शनिवार सुबह तक प्रदेश में भूस्खलन के कारण 185 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। इसके अलावा 104 बिजली ट्रांसफार्मर और 77 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मंडी और कुल्लू जिलों में सबसे ज्यादा सड़कें बंद होने की सूचना है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 10 और 11 अगस्त को कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
किन्नौर कैलाश यात्रा लगातार दूसरे दिन बंद
खराब मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति को देखते हुए किन्नौर कैलाश यात्रा लगातार दूसरे दिन भी स्थगित रही। प्रशासन ने शनिवार को श्रद्धालुओं को तांगलिंग और गणेश बाग बेस कैंप से आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी है। मलिंग खट्टा यानी गणेश बाग बेस कैंप से आगे यात्रा शुरू करने की अनुमति परिस्थितियों की समीक्षा के बाद ही दी जाएगी। इस संबंध में रोज रात करीब 11 बजे निर्णय लिया जाएगा।
गणेश गुफा और मलिंग खट्टा में तैनात टीमें यात्रा मार्ग और आसपास के नाले में जलस्तर की निगरानी करेंगी। स्थिति सुरक्षित पाए जाने पर ही श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन ने यात्रियों से स्पष्ट निर्देश मिलने तक इंतजार करने और बिना अनुमति यात्रा आगे न बढ़ाने की अपील की है।
मानसून में 143 लोगों की मौत
राज्य में 30 जून से 7 अगस्त तक जारी मानसून के दौरान 143 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 226 लोग घायल हुए हैं। इनमें 78 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं।
बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से 22 पक्के और 41 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 242 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 12 दुकानें और 203 गोशालाएं भी प्रभावित हुई हैं, जबकि 197 पशुओं की मौत दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस मानसून में अब तक कुल आर्थिक नुकसान 8,346.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
14 अगस्त तक बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में 14 अगस्त तक बारिश जारी रहने की संभावना है। 10 और 11 अगस्त को मध्य पहाड़ी क्षेत्रों तथा आसपास के निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
10 अगस्त को कांगड़ा, सिरमौर, कुल्लू और मंडी के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 11 अगस्त को चंबा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
कई क्षेत्रों में दर्ज हुई बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में 48.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बजौरा में 31.5, मनाली में 22, स्लापड़ में 21.8, भुंतर में 21, मुरारी देवी में 20, कोठी में 18, जोगिंद्रनगर में 16, सराहन में 15.6, सुंदरनगर और शिमला में 15-15 तथा धौलाकुआं में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।




