Himachal Industrial Parks: बल्क ड्रग पार्क की तर्ज पर हिमाचल में बनेंगे 4 औद्योगिक पार्क, नालागढ़-टाहलीवाल के लिए 234 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा


शिमला। हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बल्क ड्रग पार्क की तर्ज पर चार नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। उद्योग विभाग ने भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत नालागढ़ और ऊना जिले के टाहलीवाल में बनने वाले दो औद्योगिक पार्कों के परियोजना प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिए हैं। इन दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 234 करोड़ रुपये है।वहीं, कांगड़ा जिले के कदरोड़ी और सोलन जिले के कंडाघाट में भी दो अन्य औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारी चल रही है। इन दोनों परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जा रही है और सितंबर से पहले इन्हें मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजने की योजना है। देशभर में भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने हैं, जिनमें चार पार्क हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित हैं।
नालागढ़ में 150 एकड़ में बनेगा पार्कपहले प्रस्ताव के तहत नालागढ़ के मंझोली औद्योगिक क्षेत्र में करीब 150 एकड़ भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 154 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसी तरह ऊना जिले के टाहलीवाल में करीब 75 एकड़ भूमि पर औद्योगिक पार्क बनाया जाएगा। इस पार्क की अनुमानित लागत करीब 80 करोड़ रुपये है। दोनों परियोजनाओं की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है।
इन औद्योगिक पार्कों में बेहतर सड़क और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, विश्वसनीय उपयोगिता सेवाएं, डिजिटल प्रशासन व्यवस्था, सतत विकास से जुड़ी सुविधाएं और श्रमिकों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने की योजना है।
केंद्र देगा प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक सहायताभारत औद्योगिक विकास योजना के तहत स्वीकृत औद्योगिक पार्क परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की केंद्रीय सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत ढांचा मजबूत होगा और नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल में बनने वाले औद्योगिक पार्कों की स्वीकृति के लिए दो प्रस्ताव केंद्र को भेज दिए गए हैं, जबकि दो अन्य प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन पार्कों के निर्माण से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और निवेश व रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।




