ड्रग अलर्ट: हिमाचल प्रदेश की कंपनियों के नाम से सात नकली दवाएं, 72 सैंपलों पर कार्रवाई; जांच तेज


सोलन। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के जुलाई ड्रग अलर्ट में देशभर के 239 दवा सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें हिमाचल प्रदेश की दवा इकाइयों से जुड़े 82 सैंपल शामिल हैं। इनमें सात मामले ऐसे हैं, जिनमें हिमाचल की दवा कंपनियों के नाम का कथित रूप से दुरुपयोग कर नकली दवाएं तैयार किए जाने की जांच चल रही है।
प्रदेश ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन के अनुसार 82 सैंपलों में एक आयुर्वेदिक उत्पाद, दो लार्ज वॉल्यूम पैरेंट्रल (LVP) और सात नकली दवा सैंपल शामिल हैं। आयुर्वेदिक उत्पाद राज्य के नियामकीय अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, जबकि एलवीपी मामलों में सीडीएससीओ कार्रवाई करेगा।
72 सैंपलों पर होगी कार्रवाई:
सात नकली दवा मामलों को अलग करने के बाद हिमाचल ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन 72 सैंपलों पर कार्रवाई करेगा। इनमें 19 सैंपल छोटी कमियों के कारण सी श्रेणी में हैं। इन मामलों में लेबलिंग, विवरण और पीएच जैसी तकनीकी कमियां पाई गई हैं। वहीं 53 सैंपल महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानकों में फेल पाए गए हैं।
तीन इकाइयों का उत्पादन बंद:
विभाग ने संबंधित निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण और जवाब मांगा है। आवश्यक होने पर संबंधित उत्पादन लाइसेंस निलंबित रखने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं तीन इकाइयों के खिलाफ पहले ही उत्पादन बंद करने के आदेश जारी हो चुके हैं।
कंपनियों के नाम के दुरुपयोग की जांच:
सात नकली दवा मामलों में हिमाचल की दवा कंपनियों के नाम का कथित रूप से दुरुपयोग पाया गया है। इन मामलों की जांच पहले से जारी है। विभाग ने घटिया, नकली और नियमों के विपरीत निर्मित दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही है।
राज्य ड्रग्स कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर के अनुसार ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और नियामकीय दिशा-निर्देशों के तहत दोषी निर्माताओं के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




