तीन सत्रों से एक ही जवाब क्यों? विधानसभा में फिर घिरी सुक्खू सरकार, जयराम ठाकुर ने उठाए सवाल


विधानसभा में सरकारी जवाबों को लेकर घिरी सुक्खू सरकार
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान सरकार के जवाबों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। राज्य चयन आयोग की भर्तियों और मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुए शिलान्यास व उद्घाटनों से जुड़े सवालों पर सरकार की ओर से बार-बार “सूचना एकत्रित की जा रही है” का जवाब दिए जाने पर भाजपा विधायकों ने विरोध जताया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण सूचनाएं सदन से छिपा रही है। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी तथ्य या सूचना को छिपाना नहीं चाहती और पूरी जानकारी संकलित कर सदन में रखी जाएगी।
तीन सत्रों से राज्य चयन आयोग पर मांगी जा रही जानकारी
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और विपिन परमार ने राज्य चयन आयोग से जुड़े सवाल पर सरकार से जानकारी मांगी थी। सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि संबंधित सूचना एकत्रित की जा रही है
इस पर सुधीर शर्मा ने कहा कि यह सवाल पिछले तीन सत्रों से लगाया जा रहा है और हर बार यही जवाब दिया जाता है कि सूचना एकत्रित की जा रही है।
विपिन परमार ने भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यह इतना जटिल सवाल नहीं है कि इसकी जानकारी उपलब्ध न कराई जा सके।
भर्ती और पदों को लेकर विपक्ष ने मांगा पूरा ब्योरा
विपिन परमार ने कहा कि राज्य चयन आयोग के गठन के बाद मुख्यमंत्री खुद अलग-अलग श्रेणियों में पद सृजित किए जाने की बात कह चुके हैं।
उन्होंने पूछा कि आयोग के गठन के बाद कितने पद सृजित किए गए, कितने लोगों को रोजगार मिला, कितने पदों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी और इनमें से कितने पद चयन आयोग तक पहुंचे।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कंप्यूटर आधारित भर्ती प्रक्रिया पूरे प्रदेश में पूरी कर ली गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले से जुड़ी सभी प्रकार की सूचनाएं एकत्रित की जा रही हैं और जानकारी दिसंबर 2026 के अगले सत्र या मार्च 2027 के बजट सत्र में उपलब्ध कराई जाएगी।
शिलान्यास और उद्घाटन के सवाल पर भी हंगामा
इसके बाद कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने मुख्यमंत्री के पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश में किए गए शिलान्यास और उद्घाटनों से जुड़ा सवाल उठाया।
इस सवाल के जवाब में भी सरकार की ओर से सूचना एकत्रित किए जाने की बात कही गई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस पर सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि सरकार जवाब देने से क्यों कतरा रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सवाल में मुख्यमंत्री के पद संभालने के बाद से अब तक किए गए शिलान्यास और उद्घाटनों की संख्या पूछी गई है। उनके अनुसार यह ऐसी जानकारी है, जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की गतिविधियों और यात्राओं का रिकॉर्ड रखा जाता है। इसके बावजूद सदन में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
जयराम ने सवाल उठाया कि जनप्रतिनिधि की ओर से मांगी गई जनहित की सूचना को छिपाने से सरकार को क्या लाभ होगा और विपक्ष यह जानकारी आखिर कहां से हासिल करेगा।
सुक्खू बोले- कोई तथ्य छिपाने की कोशिश नहीं
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार कोई तथ्य या सूचना छिपाना नहीं चाहती।
उन्होंने कहा कि कई भवनों का निर्माण अभी चल रहा है और इस सवाल से जुड़ी पूरी जानकारी मार्च 2027 में उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछली सरकार की तुलना में अधिक नौकरियां दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में प्रावधान करते हुए उनकी सरकार ने पिछली सरकार की तुलना में अधिक शिलान्यास और उद्घाटन किए हैं।
इस तरह प्रश्नकाल के दौरान सरकारी सूचनाओं को लेकर विपक्ष के सवालों और सरकार के जवाबों के बीच सदन में जमकर बहस हुई।



