Himachal Rain: बारिश ने मचाई तबाही, 173 लोगों की मौत; 936 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, 200 सड़कें ठप

शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून 2026 लगातार भारी पड़ रहा है। बारिश, भूस्खलन और अन्य आपदाओं के कारण प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 12 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार मानसून सीजन में आपदा के कारण 75 लोगों की मौत हुई है, जबकि सड़क हादसों में 98 लोगों की जान गई है। इस तरह आपदा और सड़क दुर्घटनाओं को मिलाकर प्रदेश में अब तक 173 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
वहीं, मानसून के कारण प्रदेश को 93,663.41 लाख रुपये यानी करीब 936.63 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इसमें सरकारी और निजी संपत्ति के साथ-साथ कृषि-बागवानी, लोक निर्माण, जल शक्ति, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों को हुआ नुकसान शामिल है।13 अगस्त की सुबह भी 200 सड़कें बंद
बारिश का असर 13 अगस्त की सुबह भी जारी रहा। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 200 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा 45 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर बाधित रहे और 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं।
एक दिन पहले शाम को 209 सड़कें बंद थीं, जिनकी संख्या घटकर अब 200 हुई है। हालांकि बिजली और पानी की आपूर्ति में अभी भी कई जगह व्यवधान बना हुआ है।
मंडी और कुल्लू में सबसे ज्यादा सड़कें बंदसड़क बंद होने के मामले में मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां 64 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 60, शिमला में 32 और चंबा में 24 सड़कें बंद हैं।इसके अलावा लाहौल-स्पीति में तीन, किन्नौर में दो और ऊना में चार सड़कें प्रभावित हैं।
कुल्लू में बंजार की 19, कुल्लू की 23, आनी की आठ और निरमंड की 10 सड़कें बंद हैं। वहीं मंडी के सराज क्षेत्र में 41 सड़कें प्रभावित हैं।
शिमला में 32 सड़कें ठपराजधानी शिमला भी बारिश से प्रभावित है। 13 अगस्त की सुबह तक जिले में 32 सड़कें बंद थीं। इनमें रामपुर की 15, जुब्बल की 11 और कोटखाई की दो सड़कें शामिल हैं।
जिले में बिजली के तीन डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर बाधित रहे, जबकि 17 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
चंबा में 13 पेयजल योजनाएं प्रभावित
चंबा जिले में 24 सड़कें बंद हैं। चंबा और भरमौर समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। जिले में 13 पेयजल योजनाएं भी बाधित हैं।किन्नौर में रिस्पा लिंक रोड पानी का स्तर बढ़ने के कारण बंद हुआ है। वहीं चारंग जाने वाली लिंक रोड शंकुई नाला में फ्लैश फ्लड आने से अवरुद्ध हुई है।
आपदा से 75 मौतें, सड़क हादसों में 98 की जान गई
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार आपदा से सबसे ज्यादा मौतें लाहौल-स्पीति में 14, कांगड़ा में 12, शिमला में 10, कुल्लू और चंबा में नौ-नौ, सिरमौर में सात और मंडी में छह दर्ज की गई हैं। प्रदेश में आपदा से कुल 75 मौतें हुई हैं।
वहीं सड़क हादसों में भी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से 98 मौतें दर्ज की गई हैं। इनमें चंबा और सिरमौर में 16-16, कुल्लू में 13, शिमला में 11, कांगड़ा में 10 और ऊना में छह मौतें शामिल हैं।936 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
मानसून से हुआ नुकसान केवल सड़क, बिजली और पानी की सुविधाओं तक सीमित नहीं है। सरकारी रिपोर्ट में कृषि-बागवानी, लोक निर्माण, जल शक्ति, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, मत्स्य पालन, ग्रामीण विकास और शहरी विकास समेत कई क्षेत्रों में नुकसान दर्ज किया गया है।कुल नुकसान 93,663.41 लाख रुपये, यानी करीब 936.63 करोड़ रुपये आंका गया है।
मानसून की स्थिति ने हिमाचल में एक तरफ लोगों की जान और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, वहीं दूसरी ओर सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लगातार प्रभावित होने से आम जनजीवन भी मुश्किलों में घिरा हुआ है।



