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₹2,700 करोड़ की रोपवे परियोजना पर क्यों नहीं बनी बात? अब सुक्खू सरकार ने बनाया नया प्लान



हिमाचल में PPP मोड पर आगे बढ़ेंगी रोपवे परियोजनाएं
शिमला: हिमाचल प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं को लेकर सरकार ने बड़ा रुख स्पष्ट किया है। विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान रोपवे परियोजनाओं की स्थिति, लागत, निजी निवेश और पर्यटन स्थलों को रोपवे से जोड़ने को लेकर विधायकों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सवाल किए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि रोपवे सरकार की प्राथमिकता में हैं, लेकिन इनकी निर्माण लागत बहुत अधिक होने के कारण कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही है। सरकार अब पीपीपी और ईएपी मोड पर रोपवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है और निजी निवेशकों का स्वागत किया जाएगा।


शिमला रोपवे की लागत आई थी ₹2,700 करोड़
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि शिमला में रोपवे लगाने की योजना पर भी काम करने की कोशिश की गई थी। टेंडर के आकलन में इसकी लागत करीब 2,700 करोड़ रुपये आई थी।
इतनी अधिक लागत के कारण इस परियोजना पर फैसला नहीं हो सका और इसे रद्द कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कैबिनेट बैठक में रोपवे परियोजनाओं को पीपीपी और ईएपी मोड पर ले जाने का विषय रखा गया है।


सरकार ऐसी व्यवस्था पर भी विचार कर रही है, जिसमें पीपीपी मोड पर रोपवे परियोजनाओं की अवधि 30 से 35 साल तक सीमित की जा सके।


निजी निवेशकों को हिमाचल आने का न्योता
मुख्यमंत्री ने निजी निवेशकों से हिमाचल में रोपवे परियोजनाओं में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों का स्वागत करेगी।
सुक्खू ने बताया कि सरकार के पास करीब 1,200 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध है और निजी निवेशकों को शिमला आने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।


अनछुए पर्यटन क्षेत्रों को रोपवे से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि रोपवे के माध्यम से प्रदेश के उन क्षेत्रों को जोड़ा जाए, जहां अभी पहुंच सीमित है।
पर्यटन की दृष्टि से अनछुए क्षेत्रों तक रोपवे की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। यदि वन संरक्षण अधिनियम (FCA) की मंजूरी के कारण परियोजनाओं में देरी हो रही है तो सरकार इस प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास करेगी।


हिमानी चामुंडा रोपवे पर भी सवाल
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने हिमानी चामुंडा रोपवे की स्थिति को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार क्योरी से बिलिंग को जोड़ने वाली योजना पर भी विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उषा कंपनी ने शिमला और हिमानी चामुंडा दोनों परियोजनाएं ली थीं, लेकिन करीब चार साल तक मामला चलता रहा और कोई काम नहीं हुआ।


चिंतपूर्णी के विधायक राकेश कालिया ने चिंतपूर्णी रोपवे को सुविधाजनक बनाने का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुझाव पर उपमुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी और सरकार रोपवे परियोजनाओं के लिए खुले मन से तैयार है।
चंबा की तीन प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं का भी मुद्दा
चुराह के विधायक हंसराज ने चंबा में प्रस्तावित तीन रोपवे परियोजनाओं को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार के स्तर पर किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोपवे परियोजनाओं के प्रस्तावों में कई पहलुओं को देखना पड़ता है। कई मामलों में एमओयू करने की बात होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोपवे सरकार की प्राथमिकता में हैं, लेकिन केवल अध्ययन के लिए पैसा खर्च करना सरकार के लिए संभव नहीं है।


धर्मशाला-नड्डी जिपलाइन और रोपवे पर भी चर्चा
विधायक केवल सिंह पठानिया ने धर्मशाला-नड्डी जिपलाइन का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि पीपीपी मोड में परियोजना के लिए निवेशक क्यों नहीं आ रहे हैं और इसकी फॉरेस्ट क्लीयरेंस कब तक मिल जाएगी।
उन्होंने धर्मशाला रोपवे की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन की बहुत संभावनाएं हैं और रोपवे के माध्यम से अनछुए क्षेत्रों तक पहुंच बनाई जा सकती है।
पलचान-रोहतांग रोपवे की अनुमानित लागत ₹340 करोड़
इससे पहले कसौली के विधायक संजय अवस्थी के मूल सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि एडीबी से प्राप्त ऋण और मदद से प्रदेश में कोई रोपवे परियोजना स्वीकृत या निर्माणाधीन नहीं है। हालांकि, पीपीपी मोड के तहत प्रदेश में छह रोपवे परियोजनाएं हैं।
उद्योग मंत्री ने बताया कि कुल्लू जिले में पलचान-रोहतांग रोपवे की अनुमानित लागत 340 करोड़ रुपये है और इसे अक्टूबर 2028 तक पूरा करने की समय सीमा निर्धारित है।
परियोजना के पहले चरण में टावरों का निर्माण पूरा हो चुका है और फिलहाल रोप डालने का काम चल रहा है। दूसरे चरण में टावरों का निर्माण जारी है, जबकि तीसरे चरण का निर्माण कार्य अभी शुरू होना बाकी है।

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