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लाहौल दुर्हाघटन: हादसे में किसी ने इकलौता बेटा खोया; किसी ने मां-बेटी, पांगी में हर आंख हुई नम।।।।।

हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति के संसारी-किलाड़-तिंदी-थिरोट सड़क पर शुक्रवार दोपहर एक टाटा सूमो टैक्सी पर पहाड़ी से भारी चट्टान गिर गई। इसमें सवार सभी 13 लोगों की गाड़ी में ही दबकर मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे पांगी और उदयपुर घाटी को गहरे सदमे में डाल दिया है। कई परिवारों के चिराग बुझ गए। किसी घर का इकलौता बेटा चला गया तो मां-बेटे की जिंदगी एक साथ खत्म हो गई। छह महीने का मासूम भी इस हादसे का शिकार बन गया। हादसे की खबर जैसे ही पांगी और लाहौल घाटी के लोगों तक पहुंची तो मातम छा गया। बताया जा रहा है कि अधिकांश लोग कुल्लू से अपने घर पांगी लौट रहे थे। किसी के घर में बुजुर्ग इंतजार कर रहे थे, कहीं बच्चों की निगाहें अपने माता-पिता की राह देख रही थीं
कोई अपना इलाज करवाकर जा रहा था तो कोई जरूरी काम निपटाकर घर लौट रहा था। किसी के घर में बुजुर्ग बेटे का इंतजार कर रहे थे तो कहीं बच्चों की निगाहें अपने माता-पिता की राह देख रही थीं। शाम तक घर लौटने की उम्मीद एक दर्दनाक खबर में बदल गई। हादसे में घिसाल, साच और उदयपुर के कई परिवारों ने अपने परिजनों को हमेशा के लिए खो दिया। सबसे दर्दनाक मंजर उन घरों में देखने को मिला, जहां एक साथ परिवार के दो-दो सदस्यों की मौत हो गई। उदयपुर की रहने वाली सोमन आंगमो अपने छह माह के मासूम बेटे आरू के साथ पांगी जा रही थी, लेकिन मां और बेटे की एक साथ मौत हो गई। छेरिंग दोरजे ने मत्नी व मासूम बच्ची को खोया
मृतक सोमान आंगमो के पति और छह महीने की मासूम आरू के पिता छेरिंग दोरजे को क्या पता था कि जिस पत्नी और बेटी को वह तिंदी छोड़ आया है, वे उससे सदा के लिए बिछड़ जाएंगे। छेरिंग मयाड़ घाटी के छालिंग का रहने वाले हैं। उसकी पत्नी पांगी क्षेत्र से ताल्लुक रखती थी। पत्नी मासूम बेटी को लेकर कुल्लू से अपने मायके जा रही थीं। उनसे मिलने छेरिंग उदयपुर आया और यहां से पत्नी को मायके भेजने के लिए उसने दोनों को वाहन के माध्यम से तिंदी तक छोड़ा। यहां से आगे के सफर में उनका वाहन हादसे का शिकार हुआ।

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