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खाद संकट की आहट: इफको ने हिमफेड को सप्लाई बंद की, डीएपी-एनपीके की उपलब्धता पर सवाल

ऊना। हिमाचल प्रदेश में किसानों के लिए खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ लिमिटेड यानी हिमफेड पर करीब 5.50 करोड़ रुपये की देनदारी के चलते इफको ने खाद की आपूर्ति रोक दी है। इससे आने वाले दिनों में खासकर डीएपी और एनपीके खाद की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है।

प्रदेश में हिमफेड के माध्यम से निजी दुकानदारों और सरकारी डिपुओं तक खाद पहुंचाई जाती है। इफको की ओर से सप्लाई रुकने के बावजूद फिलहाल यूरिया की उपलब्धता बनी हुई है, लेकिन डीएपी और एनपीके की नियमित आपूर्ति को लेकर स्थिति चिंताजनक है। इफको की खाद की किसानों के बीच काफी मांग रहती है, ऐसे में बड़ी खेप की आपूर्ति रुकना प्रदेश की खाद वितरण व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

आईपीएल से ली जा रही खाद

स्थिति को संभालने के लिए हिमफेड ने अब इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) से खाद खरीदना शुरू किया है। आईपीएल की ओर से करीब 250 टन यूरिया हिमफेड को भेजी गई है। हालांकि हिमफेड के अधिकारियों के अनुसार मौजूदा मांग की तुलना में खाद की आपूर्ति अभी कम है।

प्रदेशभर में हिमफेड के करीब 85 स्टोर हैं। इन्हीं के माध्यम से निजी विक्रेताओं के अलावा सरकारी डिपुओं को भी खाद उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में इफको की सप्लाई बंद होने का असर आने वाले समय में व्यापक स्तर पर पड़ सकता है।

सितंबर में बढ़ेगी एनपीके की मांग

किसानों का कहना है कि पिछले करीब चार महीनों से खाद को लेकर परेशानी बनी हुई है। फिलहाल यूरिया आसानी से उपलब्ध हो रही है, लेकिन डीएपी और एनपीके की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही।

किसानों के मुताबिक सितंबर में आलू की खेती शुरू होने के साथ एनपीके खाद की मांग बढ़ जाएगी। यदि उस समय पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हुई तो खेती प्रभावित हो सकती है और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

5.50 करोड़ रुपये बकाया होने से रुकी सप्लाई

इफको के क्षेत्रीय प्रबंधन के अनुसार हिमफेड पर करीब 5.50 करोड़ रुपये की देनदारी है। इसी बकाये के कारण हिमफेड के लिए खाद की आपूर्ति बंद की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि उच्च स्तर से इस संबंध में कोई नया निर्देश मिलता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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