हिमाचल में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, दूसरे राज्यों से लौटने वालों पर नजर; जानें लक्षण

शिमला। दिल्ली समेत बाहरी राज्यों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच हिमाचल प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और उपचार के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे राज्यों से हिमाचल लौटने वाले लोगों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसके सैंपल लेकर समय पर जांच करवाने और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने को कहा गया है।
अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश:
एनएचएम के निदेशक प्रदीप कुमार के अनुसार अस्पतालों को विशेष रूप से बुखार, खांसी, जुकाम और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतों वाले मरीजों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मरीजों की समय पर पहचान कर जांच करवाने पर जोर दिया गया है।
अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के उपायों को मजबूत करने के साथ जरूरत पड़ने पर मरीजों को अलग रखने के लिए आइसोलेशन व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। इसके अलावा आवश्यक दवाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वाइन फ्लू होता क्या है?
स्वाइन फ्लू (H1N1 इन्फ्लुएंजा) एक प्रकार का वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है।
क्या हैं इसके लक्षण?
स्वाइन फ्लू में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू के गंभीर होने का जोखिम अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कैसे बचें?
खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकें, हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं, बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें। लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू के संभावित मामलों की समय रहते पहचान करना और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना है। अधिकारियों को अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध मामलों की निगरानी बढ़ाने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।




