कैरी बैग के 10 रुपये वसूलना रेड टेप को पड़ा भारी, उपभोक्ता आयोग ने लगाया 24 हजार रुपये जुर्माना


शिमला। मालरोड स्थित रेड टेप स्टोर में सामान खरीदने के बाद कैरी बैग के लिए अतिरिक्त 10 रुपये वसूलना स्टोर को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने तीन मामलों में स्टोर को कैरी बैग की राशि वापस करने और उपभोक्ताओं को मानसिक प्रताड़ना व मुकदमा खर्च के लिए कुल 24 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
कैरी बैग के लिए लिए थे 10 रुपये:
मंडी निवासी सुभाष चंद्र, शिमला निवासी अनिल ठाकुर और गौरव कुमार ने रेड टेप स्टोर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार सामान खरीदने के बाद उन्हें कैरी बैग दिया गया और बिल में इसके लिए 10 रुपये अतिरिक्त जोड़ दिए गए। पैसे वापस मांगने पर कर्मचारियों ने बिल में प्रविष्टि होने का हवाला देते हुए राशि लौटाने से इनकार कर दिया।
आयोग ने माना अनुचित व्यापार प्रथा:
सुनवाई के दौरान स्टोर की ओर से तर्क दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों की कटाई रोकने के उद्देश्य से कैरी बैग का शुल्क लिया जाता है। हालांकि आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया और मामले को सेवा में कमी तथा अनुचित व्यापार प्रथा माना।
कंपनी के नाम और लोगो वाले बैग पर नहीं लिया जा सकता शुल्क:
आयोग ने पाया कि रेड टेप की ओर से दिए गए कैरी बैग पर कंपनी का नाम और ‘गो ग्रीन’ लोगो छपा हुआ था। आयोग ने स्पष्ट किया कि कंपनी के नाम, लोगो या विज्ञापन वाले बैग के लिए ग्राहक से अलग से शुल्क नहीं वसूला जा सकता।
45 दिन में आदेश का पालन करना होगा:
उपभोक्ता आयोग ने रेड टेप आउटलेट को तीनों मामलों में कैरी बैग के लिए ली गई 10-10 रुपये की राशि वापस करने के साथ उपभोक्ताओं को मानसिक प्रताड़ना और मुकदमा खर्च के लिए कुल 24 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने स्टोर को 45 दिन के भीतर आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं।



